
मेरठ। कोरोना वायरस से लडऩे के लिए पांच अप्रैल को रात नौ बजे पीएम नरेंद्र मोदी के दीपक, मोमबत्ती और मोबाइल लाइट जलाने के आह्वान पर पूरे देश में एकजुटता रही और हर घर से दीपक और मोमबत्ती जलाई गई। कुछ लोगों ने इस अवसर पर अति उत्साह में आतिशबाजी की। इससे वायु की गुणवत्ता पर असर पड़ा और एक्यूआई करीब तीन गुना बढ़ गया। मेरठ शहर के कई हिस्सों में इसे अलग-अलग मापा गया तो वायु प्रदूषण बढ़ा हुआ दर्ज किया गया, जबकि लॉकडाउन में पिछले 13 दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहतर चल रहा था।
कोरोना वायरस से लडऩे की प्रधानमंत्री की अपील को सभी ने सफल बनाया, लेकिन कुछ लोगों ने उत्साह में आतिशबाजी की। इसके कारण शहर की हवा फिर से प्रदूषित हो गई है। लॉकडाउन के दौरान शहर का औसत एक्यूआई तीन अप्रैल को 72 दर्ज किया गया था। उससे पहले भी एक्यूआई 100 के आसपास ही चल रहा था। रविवार पांच अप्रैल की रात नौ बजे के बाद हुई आतिशबाजी से मेरठ का एक्यूआई 195 तक पहुंच गया। वायु गुणवत्ता खराब होने से फेफड़ों और सांस के रोगियों के लिए ठीक नहीं है। ऐसे में इन रोगियों की ज्यादा देखभाल की जरूरत होगी।
सहायक क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डा. योगेंद्र कुमार का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान अधिकांश वाहन नहीं चल रहे और फैक्ट्रियां भी बंद हैं। इससे वायु प्रदूषण कंट्रोल में है। रविवार की रात हुई आतिशबाजी ने फिर से वातावरण को प्रदूषित कर एक्यूआई बढ़ा दिया है।
Published on:
7 Apr 2020, 10:22 AM IST
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