26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यूपी के इस शहर में रह रहे थे विदेशी, हुर्इ यह वारदात तो लगा पता

वारदात होने के बाद इन्हें देखकर पुलिस भी रह गर्इ हैरान  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मेरठ

•

image

Sanjay Kumar Sharma

•

Updated: 18 Sep 2018, 1:14 PM IST

meerut

यूपी के इस शहर में रह रहे थे विदेशी, हुर्इ यह वारदात तो लगा पता

मेरठ। सड़क हादसे के आरोपी दोनों चीनी युवक मेरठ में कई साल से आ रहे थे और महानगर की पाॅश कालोनियों में रूका करते थे, लेकिन इसकी भनक न तो स्थानीय अभिसूचना इकाई को लगी और न देश के इतने बड़े खुफिया तंत्र को। चीनी युवक नशे की हालत में हिट एंड रन केस को अंजाम नहीं देते तो वे शायद पकड़े भी न जाते। उनके पकड़े जाते ही मेरठ से लेकर चीनी और भारतीय दूतावास तक खुफिया तंत्र सक्रिय हो चुका है। पुलिस से पूछताछ में चीनी नागरिकों ने बताया कि वे करीब 10 साल से मेरठ आ रहे हैं, और कई कालोनियों में किराए पर कमरा लेकर ठहरते रहे हैं।

यह भी पढ़ेंः योगी सरकार के इस फरमान से इन पुलिस अफसरों में मचा हड़कंप, अब इन्हें अपनी ड्यूटी के दौरान ये करना होगा

मिली जमानत पासपोर्ट हुए जब्त

सड़क हादसे के आरोपी चीनी नागरिकों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से पहले उन्हें जेल भेजा गया और उसके बाद देर शाम को उनकी जमानत हो गई जिस पर उन्हें रिहा कर दिया गया। अदालत ने 20-20 हजार के जमानती पर युवक को छोड़ा। अदालत ने पुलिस को मौखिक निर्देश दिया जिसमें चार्जशीट एक सप्ताह में अदालत में जमा करने के निर्देश है। वहीं अदालत के आदेश पर चीनी नागरिक का पासपोर्ट पुलिस ने जमा कर लिया।

यह भी पढ़ेंः मेरठ के इस चर्चित हत्याकांड के आरोपी को मिला आजीवन कारावास, पूरा घटनाक्रम जानेंगे तो रोंगटे खड़े हो जाएंगे

यह था मामला

बसपा के विधायक और पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की मीट फैक्ट्री से चीन की एक कंपनी को माल एक्सपोर्ट किया जाता है। इसी कंपनी के कुछ अधिकारी मेरठ में मीट की क्वालिटी चेक के लिए आए थे। दोनों चीनी नागरिक जू और शिया आशीष नामक गाइड के साथ करीब 15 दिन से मंगलपांडे नगर कालोनी में रुके थे। रविवार रात शिया ने शराब के नशे में फॉरच्यूनर गाड़ी को 100 की स्पीड में दौड़ाकर शास्त्री नगर में कई वाहनों को टक्कर मारी। इसमें तीन लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने पीछा करके दोनों चीनी नागरिकों को गाइड सहित पकड़ लिया था। लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में चीनी नागरिक शिया के खिलाफ नौचंदी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। जमानती अपराध होने के कारण 20-20 हजार रुपये के दो जमानती लेकर आरोपी को जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया।

किसने ली चीनी नागरिकों की जमानत

सबसे बड़ा सवाल दूसरे देश में चीनी नागरिकों की जमानत लेने पर उठ रहा है। आखिर मेरठ में चीनी नागरिकों के इतने करीबी कैसे मिल गए जो उनकी जमानत लेेने के लिए तैयार हो गए। 15 दिन से मेरठ में रह रहे चीनी नागरिकों को जहां कोई जानता नहीं था। एक हादसे के बाद पूरा मेरठ जान गया और उनको जमानती भी मिल गर्इ। चीनी नागरिकों के जमानतियों पर भी अदालत ने संदेश व्यक्त किया है। जिन दो लोगों ने जमानत ली है उनके नाम धनबहादुर और अमनदीप हैं।

बड़ी खबरें

View All

मेरठ

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग