
मेरठ। दोस्त ही दोस्त का कातिल बन बैठा। 25 हजार रूपये के लालच में आकर युवक तरूण ने ही अपने सर्राफ दोस्त अमन की दुकान में डकैती डलवाई थी। इतना ही नहीं पहचान लेने पर गोली मारकर हत्या भी करवा दी थी। पुलिस अब हत्याराेपी दाेस्त काे गिरफ्तार किया ताे इस बात का खुलासा हुआ।
16 सितंबर को जागृति विहार के सेक्टर दो में सर्राफ की दुकान में डकैती डालकर बदमाशों ने सर्राफ के बेटे की हत्या कर दी थी। अब पुलिस मुठभेड़ में आराेपी लुटेरे गिरफ्तार हुए हैं। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इनके कब्जे से लूटा गया माल भी बरामद हाेने की बात कही है। पकड़े गए आरोपी तरूण ठाकुर ने पूछताछ में पुलिस काे बताया कि घटना में उसके साथी अनुज और तीन अन्य साथी शामिल थे। तरुण ने ही रेकी की थी और यह देखा था कि सीसीटीवी कैमरा कहां-कहां लगे है।
घटना के दिन जब वहां पर सतीश जैन दुकान पर अकेले रह गये तब इसने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद अनुज और उसके तीन साथी आए और वहां पर घटना को अंजाम दिया। तरुण ठाकुर ने पूछताछ में यह भी बताया कि उसको रेकी के लिए 25 हजार रूपये मिले थे। पुलिस ने इसके कब्जे से 20 हजार रूपये बरामद किए हैं। पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि उन्हे करीब पांच लाख रुपये मिले थे। तरुण ठाकुर से पूछताछ के बाद रात्रि लगभग एक बजे क्राइम ब्रांच, थाना प्रभारी नौचंदी और थाना प्रभारी मेडिकल की संयुक्त टीम के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ में आरोपी अनुज पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में फायरिंग से घायल हो गया।
इसके कब्जे से एक बाइक और .32 बोर की पिस्टल जिंदा कारतूस समेत लगभग साढ़े तीन लाख रुपए बरामद हुए हैं। घायल और गिरफ्तार अभियुक्त अनुज के विरुद्ध पहले से ही लगभग एक दर्जन से अधिक मामले और तरूण पर आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। घायल अभियुक्त को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। शेष तीनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है। मुठभेड़ के दौरान घायल अभियुक्त अनुज के तीन साथी अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गए।
Updated on:
17 Sept 2020 10:20 am
Published on:
17 Sept 2020 10:17 am
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