
मेरठ। कैंट इलाके में स्थित ऋषभ एकाडेमी का मामला सामने आया है। जहां पर एक छात्रा का बीते 15 दिन पहले बीपी लो हुआ था। आज जब वह दूसरी बीमार छात्रा की मदद कर रही थी तो पहले टीचर ने उसको खूब डांटा और उसके बाद उसको स्कूल से बाहर करते हुए हाथ में टीसी पकड़ा दी। छात्रा रोती हुई घर पहुंची। उसने ये बात अपने परिजनों को बताई तो मां छात्रा के साथ स्कूल पहुंची, लेकिन स्कूल में छात्रा की मां की बात को भी नहीं सुना गया।
ऋषभ एकेडमी में पढऩे वाली कक्षा 10 की छात्रा आकृति की आज अचानक क्लास में तबियत ख्रराब हो गई। उसके साथ बैठी छात्रा खुशबू छात्र की मदद के लिए आगे आई और उसने आकृति के हाथ-पैर सहलाने शुरू कर दिए। इसके बाद वो आकृति को छोडऩे घर चली गई। जब वह वापस स्कूल पहुंची तो छात्रा खुशबू को स्कूल की ओर से टीसी पकड़ा दी गई। खुशबू टीसी लेकर अपने घर पहुंची और वहां पर यह बात बताई। खुशबू की मां उसको लेकर स्कूल पहुंची और टीसी देने का कारण पूछा, लेकिन स्कूल में उनको संतोषजनक जवाब नहीं मिला। खुशबू की मां का कहना है कि पिछले 15 दिन पहले उसका बीपी लो हो गया था। तब उसने अवकाश लिया था। लेकिन अब वह बिल्कुल ठीक है। उनका कहना था कि सहेली की मदद करने के कारण स्कूल से निकालना कहां का न्याय है।
उन्होंने कहा कि वह इस बात को ऊपर तक ले जाएगी।वहीं ऋषभ एकाडेमी के सेकेट्री रंजीत जैन ने बताया कि सीबीएसई का एक नियम आया है। जिसके मुताबिक अब सभी बच्चों को सीएमओ के यहां से हेल्थ प्रमाण पत्र लाकर जमा करना होगा। ये दोनों लड़कियां एक साथ रहती हैं। इन दोनों की तबियत खराब रहती है। इनके परिजनों को भी नोटिस भेजा गया है कि वे अपने बच्चों का हेल्थ सर्टिफिकेट बनाकर जमा कर दें।
Published on:
21 Oct 2019 06:10 pm
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