
मेरठ। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार बेटी बचाआे, बेटी पढ़ाआे पर सबसे ज्यादा जोर दे रही है, लेकिन बेटियां परिषदीय विद्यालयों में किस माहौल में पढ़ार्इ कर रही हैं, इसका ताजा उदाहरण है शहर के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में प्राथमिक कन्या विद्यालय द्वितीय। यह विद्यालय किराए के भवन में चल रहा है। इस विद्यालय की स्थिति इतनी बदतर हो गर्इ है कि बच्चियों की संख्या रोजाना कम होती जा रही है। विद्यालय में बिजली, पानी आैर शौचालय सुविधाएं तक नहीं है। इसके साथ-साथ मकान मालिक ने यहां के जाल पर लेंटर डलवा दिया, तो पढ़ार्इ के लिए आ रही सूरज की रोशनी तक नहीं आ रही। यहां अंधेरे में बेटियां पढ़ार्इ कर रही हैं। विद्यालय के नाम पर यह छोटा सा कमरा है, जो तीन फुट गहरा है। बारिश होने के बाद यहां पानी भर जाता है आैर बच्चों की पढ़ार्इ भी रुक जाती है।
मिड-डे मील की भी हालत खराब
विद्यालय में दिया जा रहे मिड-डे मील की भी खराब क्वालिटी है। दाल में पानी की ज्यादा मात्रा आैर सूखी रोटी बच्चों को मिड-डे मील में दी जा रही है। यहां की सहायक अध्यापिका का कहना है कि मिड-डे मील अच्छा नहीं दिया जा रहा। शौचालय नहीं होने के कारण बच्चियों को बाहर गली में शौच के लिए जाना पड़ता है। विद्यालय में बच्चियों की संख्या 57 से 43 तक आ गर्इ है। माता-पिता अपनी बच्चियों काे यहां नहीं पढ़ाना चाह रहे। उन्होंने बताया कि उन्हें विद्यालय ज्वाइन किए पांच साल हो गए हैं, लेकिन तभी से बिजली-पानी की व्यवस्था नहीं है।
Updated on:
17 Mar 2018, 8:45 AM IST
Published on:
17 Mar 2018, 8:43 AM IST
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