
200 साल से इस हलवा-पराठे के मुरीद हैं सभी, बस यहीं मिलता है ये, देखें वीडियो
मेरठ। मेरठ के ऐतिहासिक मेला नौचंदी की शान हलवा-पराठा है। लोग इसके स्वाद के दीवाने हैं। मेले में घूमने आने वाले लोग जहां इसका स्वाद चखते हैं, वहीं अपने परिजनों के लिए घर लेकर जाते हैं। पराठे की खासियत इसका खस्तापन होता है। नौचंदी मेला का मशहूर व्यंजन करीब दो सौ साल से मेला की शान बढ़ा रही है। जहां पहले मेले में करीब सौ हलवा पराठा की दुकानें लगती आज गिनी-चुनी ही दुकानें मेले में लगती हैं।
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चार पीढ़ियों से कर रहे काम
नौचंदी मेले में हलवा-पराठा की दुकान करने वाले अमीरूद्दीन कहते हैं कि मेला नौचंदी में कई दुकानदार ऐसे हैं जो तीन-चार पीढ़ियों से इसकी दुकान लगा रहे हैं। अमीरूद्दीन की चौथी पीढ़ी इस काम में जुटी हुई है। उनकी दुकान उनके वालिद ने 1970 में लगाई थी। तब से वे नौचंदी मेले में दुकान लगाते आ रहे हैं। मेरठ बनी सराय के रहने वाले मोहम्मद दानिश हर साल मेले में हलावा-पराठा की दुकान लगाते हैं। उनके दादा-परदादा भी यहां यह सामान बेचा करते थे। दानिश ने बताया कि चाहे जितने रेस्टोरेंट खुल जाएं, लेकिन मेले में आकर लोग आज भी अपने स्वाद की चीजें खाना पसंद करते हैं।
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दूर-दूर तक फैली है खूशबू
दानिश ने बताया कि हलावा-पराठा की दुकान करीब 70 साल पुरानी है। उनका परिवार मेले में दुकान लगा रहा है। आज भी लोग मेले में आते हैं तो यहां हलवा-पराठा जरूर खाते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पराठे और हलवे की खुशबू दूर-दूर तक फैली रहती है। मेले में घूमते समय आपको यह ढूंढ़ने की जरूरत नहीं कि हलावा-पराठा कहां मिलेगा। हलवा-पराठा की खुशबू खुद स्टॉल का पता बता देती है।
Published on:
28 May 2019 03:14 pm
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