
होटलों और मंडपों को भूजल विभाग से लेनी होगी एनओसी, एनजीटी के निर्देश पर निरीक्षण
NGT strictness on Meerut hotels राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के निर्देश पर आज भूजल विभाग की टीम ने मेरठ के मंडपों और होटलों के अलावा रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया। ये निरीक्षण एडीएम सिटी दिवाकर सिंह की अध्यक्षता हुआ। इस टीम में केंद्रीय भू-जल विभाग लखनऊ से असिस्टेंट हैड्रोलॉजिस्ट विकास कुमार, उत्तर प्रदेश भूजल विभाग से असिस्टेंट जिओफिजिस्ट आशीष कुमार, प्रदूषण विभाग से एई प्रखर कुमार की संयुक्त रूप से शामिल थे। इन्होंने होटल, मण्डप, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस का निरीक्षण शुरू किया।
मेरठ में स्थित सभी होटल, मण्डप , रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस इत्यादि को भू जल विभाग के सक्षम अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य है। आशीष कुमार ने बताया कि भूजल विभाग की वेबसाइट पर जाकर लिंक के माध्यम से अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए कोई भी व्यवसायी आवेदन कर सकता है। आज मेरठ में इस जांच की शुरुआत गढ़ रोड स्थित होटल ब्रॉडवे इन से की गई। होटल ब्रॉडवे इन के मालिक कमर अहमद काज़मी को नियमों के अनुसार एनओसी लेने के लिए समझाया गया। इसके उपरांत यह टीम होटल हार्मनी तथा सात फेरे रेस्टोरेंट पहुंची। मेरठ मण्डप एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने एडीएम सिटी दिवाकर सिंह को आश्वस्त कराया गया कि शीघ्र अति शीघ्र सभी मंडप व होटल स्वामी भूजल विभाग में अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने का पूर्ण प्रयास करेंगे।
एडीएम सिटी दिवाकर सिंह ने भूजल विभाग व प्रदूषण विभाग से सभी व्यापारियों को जानकारी मुहैया कराने तथा उनकी मदद करते हुए आवेदन कराने के लिए कहा। यह टीम निरंतर अगले कुछ दिनों तक मेरठ के सभी रेस्टोरेंट, मण्डप, होटल, गेस्ट हाउस का निरीक्षण कर सभी से एनओसी लेने के लिए अथवा रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जो भी जरूरी दस्तावेज होंगे उनके बारे में बताएगी तथा जल्द से जल्द सभी मंडप, रेस्टोरेंट, होटल, गेस्ट हाउस का पंजीकरण अपने यहां करेगी।
Published on:
06 May 2022 07:01 pm
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