
मेरठ। अझौता गांव के एक दंपति ने दौराला पुलिस पर मारपीट के बाद जबरन पानी में जहर देने का आरोप लगाया है। हालत बिगड़ने पर पुलिस ने दोनों को मोदीपुरम स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया है। पुलिस आरोप को गलत बता रही है। अझौता गांव निवासी शिवकुमार व उसकी पत्नी दिव्या को दौराला पुलिस किसी मामले में थाने लेकर आई थी। अस्पताल में भर्ती शिव कुमार ने बताया कि पुलिस ने उसकी पत्नी के सामने ही उसके साथ जमकर मारपीट की।
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हवालात में मांगा पानी
इसके बाद पुलिस ने उसे हवालात में डाल दिया। उसने पीने के लिए पानी मांगा तो पुलिस ने उसे पानी दे दिया, लेकिन थोड़ी देर बाद ही उसकी व पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। आरोप है कि पुलिस ने उसे पानी में जहर मिलाकर दिया। शिवकुमार की हालत बिगड़ते देख थाने में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस दोनों को मोदीपुरम के ग्लोबल अस्पताल में लेकर पहुंची। फिलहाल दोनों की हालत में सुधार है। इस मामले से पुलिस ने अधिकारियों और मीडिया से छुपाए रखा। थाना प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि शिवकुमार की पत्नी चाय लेकर थाने आई थी। दोनों ने वहीं चाय पी थी। पुलिस पर लगाए गए आरोप गलत हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
दंपति को जहर दिए जाने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूछताछ के लिए लाए गए युवक के साथ मारपीट करना, इसके अलावा पुलिस का कहना है कि शिवकुमार की पत्नी चाय लेकर आई थी। दोनों ने वहीं चाय पी, जबकि नियम यह है कि हवालात में बंद किसी भी व्यक्ति के घर से यदि कोई भी खाने का सामान आता है तो उसे पहले पुलिस चेक कराती है। अगर घर से लायी हुर्इ चाय वे पीते, तो जरूर पकड़ में आ जाती। इस मामले के बारे में विभागीय अधिकारियों को पता लगा तो उन्होंने जांच कराने की बात कही है।
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Published on:
18 Feb 2018 01:43 pm
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