
केपी त्रिपाठी, मेरठ। कोरोना संक्रमण से पीडि़त व्यक्ति पर क्या बीतती है, ये तो वही बता सकते हैं, लेकिन कोरोना वार्ड के भीतर भर्ती मरीज अपने दिन कैसे काट रहे हैं, कैसे वार्ड के भीतर मरीज एक-दूसरे का हौसला बढ़ा रहे हैं। चिकित्सक मरीजों में कोविड 19 से लडऩे का हौसला बढ़ा रहे हैं। हर मरीज भी एक-दूसरे का हौसला बढ़ा रहा है। वार्ड के भीतर एक मरीज ने जब गाना गाकर वहां पर मौजूद मरीजों का हौसला बढ़ाया तो डाक्टर से लेकर नर्स और वार्ड ब्वाय भी खुद को तालियां बजाने से नहीं रोक सके।
पांचली गांव में कोविड-19 के मरीजों के लिए अस्पताल बनाया गया है। यहां पर कोरोना पीडित मरीजों को रखा गया है। इन मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सक डा. प्रवीण गौतम बताते हैं कि अभी तक वायरस की कोई दवा तो आई नहींं, लिहाजा अन्य दवाइयों के साथ ही सबसे बड़ा हथियार मरीज के हौसले से काम चलाया जाता है। उन्होंने बताया कि वार्ड में भर्ती मरीजों का दिन भर चिकित्सक हौसला बढ़ाते रहते हैं। इन मरीजों को वह सब करने को कहा जाता है, जिसमें उनकी रूचि होती है। अगर किसी को गाने में रूचि है तो वह गाना गाकर वहां भर्ती मरीजों का हौसला बढ़ाता है। किसी अन्य को और किसी में रूचि है तो उससे वह चीज करवाई जाती है।
उन्होंने बताया कि पांचली अस्पताल में भर्ती एक मरीज को गाने का शौक है। कोविड-19 बीमार से लड़ रहे इस मरीज ने जब वार्ड के भीतर गाना गाया तो वहां पर मौजूद अन्य मरीज ने भी उसका साथ दिया। वहीं, वार्ड के भीतर मौजूद चिकित्सकों और अन्य स्टाफ ने भी तालियां बजाकर उसकी हौसला अफजाई की।
Updated on:
17 May 2020 04:34 pm
Published on:
17 May 2020 01:53 pm
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