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पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री की मीट फैक्ट्रियों में जांच के लिए पहुंचीं पांच विभागों की टीम

हाजी याकूब कुरैशी और शाहिद अखलाक के मीट प्लांट की जांच शुरू
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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 12 Sep 2018, 8:06 PM IST

Shahid Akhlaq

पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री की मीट फैक्ट्रियों में जांच के लिए पहुंचीं पांच विभागों की टीम

मेरठ. योगी सरकार छोटे मीट व्यापारियों के बाद अब बड़े शलाउटर हाउस चलाने वाले लोगों पर भी शिकंजा कसती नजर आ रही है। इसी कड़ी में पांच विभागों के 25 अधिकारियों की टीम हापुड़ रोड स्थित अल्लीपुर जिजमाना में डीएम अनिल ढींगरा के आदेश पर मंगलवार को तीन मीट प्लांटों की जांच की। इस दौरान फायर, विद्युत, प्रदूषण, पशु कटान समेत कई मुख्य बिंदुओं पर इन फैक्ट्रियों की जांच की गई। जांच टीम में पशुपालन, प्रदूषण, दमकल, विद्युत और जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारी शामिल थे। इस दौरान पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की मीट फैक्ट्री अलफहीम, पूर्व सांसद शाहिद अखलाक की मीट फैक्ट्री अल साकिब और हाजी नदीम की तान्या मीट फैक्ट्री का निरीक्षण किया गया।

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जांच टीम में ये थे शामिल
पशु पालन विभाग की टीम में डॉ. वीपी सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम में डॉ. योगेन्द्र, दमकल विभाग की टीम में सीएफओ अजयपाल सिंह नेतृत्व कर रहे थे। हालांकि, जांच टीम में फैक्ट्री में तैनात चिकित्सक के शामिल होने पर सवाल भी उठे।

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मिलीभगत से अवैध धंधा चलने का है आरोप
मीट फैक्ट्रियों के कारोबार में हो रही अनियमित्ता के बारे में सच संस्था के अध्यक्ष डा. संदीप पहल ने बताया कि सभी विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत से अल्लीपुर में अवैध तरीके से मीट फैक्ट्री संचालित की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये मीट फैक्ट्रियां अफसरों के लिए दुधारू गाय बन घई है। उन्होंने मांग की कि मीट प्लांट में तैनात चिकित्सकों की भी जांच होनी चाहिए। गौरतलब है कि अब से 10 दिन पूर्व भी कार्रवाई पर उठे थे। इससे पहले क्षमता से अधिक कटान की सूचना पर पुलिस ने तान्या मीट फैक्ट्री में छापामारी की थी। लेकिन इस दौरान संचालकों से बंद कमरे में बातचीत के बाद क्लीनचिट देने पर पशु पालन विभाग की टीम पर सवाल उठे थे।

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जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
मीट फैक्ट्रियों की जांच के बारे में जानकारी देते हुए जिला अधिकारी ने कहा कि विभिन्न विभागों की टीम बनाकर मीट प्लांट की जांच कराई गई है। इनकी ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

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