script ISI एजेंट मेरठ से गिरफ्तार, पाकिस्तान को देता था सेना की खुफिया जानकारी | UP ATS arrested ISI agent from Meerut who used to give army intelligen | Patrika News

ISI एजेंट मेरठ से गिरफ्तार, पाकिस्तान को देता था सेना की खुफिया जानकारी

locationमेरठPublished: Feb 04, 2024 08:49:44 pm

Submitted by:

Vishnu Bajpai

UP ATS Action: यूपी के आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी UP ATS ने पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट को मेरठ से गिरफ्तार किया है। वह मॉस्को दूतावास में काम करता था और भारतीय मिलिट्री की खुफिया जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाता था।

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यूपी एटीएस ने मेरठ में पकड़ा पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट।
UP ATS Caught ISI Agent in Meerut: यूपी के आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी UP ATS ने पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट को मेरठ से गिरफ्तार किया है। वह मॉस्को दूतावास में काम करता था और भारतीय मिलिट्री की खुफिया जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाता था। आरोपी आईएसआई एजेंट की पहचान हापुड़ के रहने वाले सत्येंद्र सिवाल के रूप में हुई है। आरोप है कि मॉस्को दूतावास में बतौर आईबीएसए पद पर तैनात सत्येंद्र सिवाल पाकिस्तानी आईएसआई को भारतीय सेना की खुफिया जानकारी देता था।
इस संबंध में यूपी एटीएस की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि यूपी एटीएस को इसके बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। आरोपी साल 2021 से रूस की राजधानी मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में इंडिया बेस्ड सिक्योरिटी असिस्टेंट के पद पर तैनात है। उसके पास के दो मोबाइल फोन, एक आधार कार्ट, एक पैन कार्ड और एक पहचान पत्र भी बरामद किया गया है।

खुफिया जानकारी की जांच में पकड़ा गया शातिर सत्येंद्र


यूपी एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलर विदेश मंत्रालय के कुछ कर्मचारियों को बहला-फुसलाकर, पैसों का लालच देकर उनसे भारत की महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी एटीएस ने इस खुफिया जानकारी पर काम करना शुरू किया। इसी दौरान यूपी एटीएस को सत्येंद्र सिवाल के बारे में जानकारी हासिल हुई। सत्येंद्र सिवाल मॉस्को से पहले विदेश मंत्रालय में मल्टी टास्किंग स्टाफ के तौर पर काम करता था।
इस जानकारी के बाद यूपी एटीएस की मेरठ यूनिट से उसे अपने ब्रांच बुलाया और उससे गहन पूछताछ की। इस दौरान वह एटीएस के सवालों का जवाब नहीं दे पाया और अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जांच के दौरान यूपी एटीएस को यह भी पता चला कि सत्येंद्र सिवाल भारत के रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सैनिय संगठनों की सामरिक गतिविधियों के बार में महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारी आईएसआई हैंडलर के साथ साझा कर रहा था।

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