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Health Insurance Policy : इन पांच चीजों का रखेंगे ध्यान तो कभी नहीं उठाएंगे नुकसान

Health Insurance Policy : अधिकांश लोग हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय जल्दबाजी में अधिकांश चीजों पर ध्यान नहीं देते। जो कि जरूरत के समय कभी काफी परेशानी उत्पन्न कर दे देती हैं। बीमा कंपनियां और उनके एजेंट पॉलिसी घारक को भी इन बातों और उसकी शर्तों के बारे में कभी नहीं बताते। लेकिन अगर बीमा पॉलिसी लेने से पहले ही इन पांच चीजों का ध्यान रखा जाए तो कभी नुकसान नहीं उठा सकतें।

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मेरठ

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Kamta Tripathi

Dec 15, 2021

Health Insurance Policy : इन पांच चीजों का रखेंगे ध्यान तो कभी नहीं उठाएंगे नुकसान

Health Insurance Policy : इन पांच चीजों का रखेंगे ध्यान तो कभी नहीं उठाएंगे नुकसान

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ .Health Insurance Policy : बीमा हेल्थ का हो या फिर नार्मल। अगर आप बीमा पॉलिसी ले रहे हैं तो निम्न चीजों का ध्यान जरूर ध्यान रखे। देखने में तो यह मात्र कुछ शब्द ही होते हैंं। लेकिन बीमा क्षेत्र में इन शब्दों की बहुत अहमियत होती है। इन्हीं शब्दों पर बीमा क्षेत्र का पूरा कारोबार होता है। इनके बारे में कभी भी बीमा एजेंट या कंपनियां अपने ग्राहकों को ठीक से नहीं समझाती हैं। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।


अफोर्डेबल प्रीमियम (Affordable Premium)
इसका मतलब है बीमा पालिसी लेन से पहले ये जरूर देख ले कि उसका प्रीमियम आप लगातार दे सकते हैं या नहीं, कहीं आगे चलकर ये ना हो की आपको प्रीमियम ज्यादा लगने लगे और आप प्रीमियम देना बंद कर दे और चलती हुई अपनी हेल्थ पॉलिसी बंद कर दें। समय आने पर आपके पास कोई भी हैल्थ कवर न हो इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी वो ही ले जिसको आप लगातार चला सके और कोई बुरे समय आने पर आपके काम आ सके।

इजी टू अप्प्रोच (Easy to Approach)
इसका मतलब है क़ि जिस भी कम्पनी की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले रहे है उस कम्पनी का एजेंट आपके लगातार संपर्क में रहने वाला हो या आप उसको जानते हो। इसका मतलब सीधा ये है कि जिस किसी के माध्यम से पॉलिसी ले रहे है उस एजेंट को आप जरूरत पड़ने पर आसानी से संपर्क कर सकें। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में आपको आवयश्कता उस समय पड़ती है जब खुद या परिवार का कोई सदस्य परेशानी में होते है उस समय आपको पॉलिसी की जरुरत होती है एवं बाद में होने वाले खर्चो को दिलाने में कोई समस्या ना आये। इसलिए ये जरुरी है की जिस कम्पनी के एजेंट से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले रहे है उसको जानते हो एवम उसको क्लेम से सम्बंधित सभी जानकारी हो।जिससे वह आपका क्लेम आसानी से पास करा सके।

PED डिस्क्लोज़र (PED Disclosure)
इसका मतलब ये होता है कि पॉलिसी लेने से पहले अगर परिवार में से कोई भी अगर किसी बीमारी के कारणवश हॉस्पिटल में भर्ती हुआ हो या डॉक्टर से इलाज चल रहा हो तो उसकी सूचना पॉलिसी लेने से पहले बीमा कम्पनी को अवश्य दें। इससे क्लेम लेने मे समस्या नहीं आएगी एवं जरूरत के समय पैसा मिल पाए।

क्लेम सेटलमेंट (Claim Settlement)
वैसे तो सभी इंश्योरेंस कम्पनी अगर क्लेम जेनुअन हो तो उसका भुगतान करने में देरी नहीं करती फिर भी जिन एजेंट से पालिसी ले रहे हैं उससे क्लेम प्रोसेस के बारे में जानकारी अवश्ये ले लें। जैसे कैशलेस हॉस्पिटल कितने हैं और रीएमबर्समेन्ट में कितना समय लगता है। इससे यह भी पता चल जाएगा कि एजेंट को कितनी जानकारी है। इसमें एक और महत्वपूर्ण बात कि कितने राशि की हेल्थ इंश्योरेंस पालिसी ली जाये।

बिग अमाउंट कवरेज (Big amount coverage)
वैसे तो ये चीज पहले ही बताई जा चुकी है कि पॉलिसी उतने की ले जिसको कि लगातार चला सके पर इसका मतलब ये भी नहीं है की इतनी कम राशि वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले लें किे जो जरुरत पड़ने पर आपको अपने पास से पैसे खर्च करने पड़े इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय ये भी ध्यान रखे की कितने बीमा राशि की पालिसी ले रहे है।
अगर हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय इन बातों का ध्यान रखेंगे तो कभी परेशानी नहीं उठानी पड़ सकती।