
Chhath Puja 2022 : छठ पर इन खास जगहों पर तॉबे की सूर्य प्रतिमा रखने से होगा चमत्कारिक लाभ
Chhath Puja 2022 वास्तु पंच तत्वों पर आधारित है। ये पंच तत्व अग्नि, वायु, पानी, पृथ्वी व आकाश हैं । सूर्य को अग्नि का स्वरूप माना है। सूर्य वास्तु शास्त्र को प्रभावित करता है। अगर वास्तु अनुसार घर की इन आठ जगहों पर तांबे के सूर्य को दीवार पर लगाए तो हर इच्छा पूरी हो सकती सकती है। रात 12 से 3 बजे तक सूर्य पृथ्वी के उत्तरी भाग में होता है। उत्तर धन की दिशा मानी गई है। अगर धन की कमी हो तो घर में जहां कीमती वस्तुओं या जेवरात आदि रखें हो, वहां तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से घर में पैसों की कमी नहीं होती।
रात 3 से सुबह 6 बजे तक सूर्य पृथ्वी के उत्तर-पूर्वी भाग में होता है। यह समय चिंतन व अध्ययन का माना गया है। बच्चे पढ़ाई में कमजोर हो तो उनके कमरे में सूर्य प्रतिमा लगाने से पढ़ाई में सफलता मिलेगी। सुबह 6 से 9 बजे तक सूर्य पृथ्वी के पूर्वी हिस्से में होता है। इस समय सूर्य की रोशनी रोगों से बचाव करती है। घर में बीमारियाँ हो तो हाॅल में सूर्य प्रतिमा लगानी चाहिए। जहां घर के सदस्य अधिक से अधिक समय बिताते हों। सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक सूर्य पृथ्वी के दक्षिण-पूर्व में होता है। यह समय भोजन पकाने के लिए उत्तम है। इसलिए घर की रसोई में तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से घर में अन्न की कमी नहीं होती।
दोपहर 12 से 3 बजे के दौरान सूर्य दक्षिण में होता है। इसे विश्रांति काल(आराम का समय) माना गया है। अगर घर में अशांति या झगड़े का माहौल है तो घर के मुखिया के बेडरूम में सूर्य प्रतिमा लगाने से परेशानी नहीं आएगी। दोपहर 3 से शाम 6 के दौरान सूर्य दक्षिण-पश्चिम भाग में रहता है। यह समय अध्ययन और कार्य का है। व्यापार में नुकसान हो रहा हो तो ऑफिस या दुकान में सूर्य प्रतिमा लगाने पर व्यापार में तरक्की होती है। शाम 6 से रात 9 में सूर्य पश्चिम दिशा की ओर होता है। इस समय देव पूजा और ध्यान के लिए अच्छा बताया जाता है। इसलिए घर के मंदिर में तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से घर-परिवार पर सूर्य देव की कृपा बनी रहती है । रात 9 से मध्य रात्रि के समय सूर्य उत्तर-पश्चिम में रहता है। घर के बेडरूम में तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से वहां रहने और सोने वालों को मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।
Published on:
30 Oct 2022 08:48 am
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