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मेरठ जिला पंचायत अध्यक्ष बने कुलविन्दर, संगीत सोम को लगा जोरदार झटका

जिला प्रशासन ने एक वोट किया निरस्त, कुलविन्दर को एक वोट से मिली जीत

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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

Aug 22, 2017

Kulvinder

मेरठ. डेढ़ महीने से चली आ रही जिला पंचायत अध्यक्ष के उप चुनाव की राजनीति रोमांचक मुकाबले की तरह खत्म हुर्इ। भाजपा के घोषित प्रत्याशी कुलविन्दर पार्टी की दूसरी प्रत्याशी सपना हुड्डा को एक वोट से पराजित करके अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया। सपना हुड्डा को सरधना विधायक संगीत सोम सपोर्ट कर रहे थे। वह मतदान के दौरान सामने नहीं आए। सपना व 18 सदस्य एक साथ मतदान के लिए पहुंचे थे, तो भाजपा के दूसरे खेमे में हलचल मच गर्इ। जीत के लिए 18 वोट हासिल करने जरूरी होते हैं। इसके बावजूद सपना एक वोट से हार गर्इ। जिला पंचायत में 34 सदस्य हैं। इनमें से 18 वोट हासिल करने वाला प्रत्याशी अध्यक्ष पद पर काबिज होता है। कलेक्ट्रेट में सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक मतदान हुआ। भाजपा बनाम भाजपा के इस चुनाव में सदस्यों व उनके समर्थकों के बीच आपस में संघर्ष का अंदेशा था। इसलिए कलेक्ट्रेट परिसर व कमिश्नरी के पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। सुबह एसएसपी मंजिल सैनी ने भी यहां का दौरा किया था और गड़बड़ी करने वालों से सख्ती से निबटने के निर्देश दिए थे।

दो ने की क्रॉस वोटिंग
पिछले डेढ़ महीने से भाजपा में जिला पंचायत अध्यक्ष उप चुनाव को लेकर उठापठक चली आ रही थी। भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी कुलविन्दर के सामने विधायक संगीत सोम ने सपना हुड्डा को उतारा था, क्योंकि संगीत सोम ने मुख्य चुनाव में जब कुलविन्दर को चुनाव लड़वाया था, तो हार के बाद उसके पिता ने संगीत सोम पर आरोप लगाए थे। इस बार मामला उल्टा था। कुलविन्दर के सामने सपना हुड्डा को खड़ा किया गया था। चुनाव में सपना की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन आखिरी क्षण तस्वीर बदल गर्इ। सपना के पक्ष में जो 18 सदस्य माने जा रहे थे, उनमें से दो ने क्रॉस वोटिंग की, जो कुलविन्दर को जीत दिला गर्इ। नतीजे आते ही समर्थकों ने कुलविंदर को अपने कंधो पर बैठा लिया। खुशी में कुलविंदर ने अपने समर्थकों के साथ वंदे मातरम् के नारे लगाए। कुलविंदर सिंह ने जीत के बाद जिले के विकास को ही अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को साथ लेकर जिले का विकास किया जाएगा।

दोपहर में बदली तस्वीर
मतदान के समय प्रत्याशी सपना हुड्डा व उनके पक्ष के 18 सदस्य पहुंचे और वोटिंग की। तब सभी ने सपना की लगभग जीत मान ली थी, लेकिन यहीं से बाजी पलटती चली गर्इ। कुलविन्दर व सपना को 17-17 वोटें मिले। टार्इ होने की स्थिति में मतपत्रों की चेकिंग की गर्इ। एक मतपत्र पर कुछ निशान बनाए जाने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया। कुलविन्दर को 17-16 से जीत मिली। हार के बाद सपना हुड्डा और उनके समर्थकों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रोते-रोते सपना ने कहा कि जिलाधिकारी की वजह से ही आज मुझे हार का मुंह देखना पड़ा। हालांकि, जिलाधिकारी मेरठ ने साफ कर दिया कि चुनाव के बाद कोई भी विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा। शहर में धारा 144 लागू है, जो कोई इसका उल्लंघन करेगा उस पर कानूनी कार्रवाई होगी ।

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