
मेरठ। गोरखपुर और फूलपुर के बाद कैरान सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी घमासान जारी है। इस सीट के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक माथापच्ची चल रही है। इस सीट पर कैसे जीत दर्ज की जाए, इसके लिए सभी पार्टियां रणनीति बनाने में जुट गई है। लेकिन, इसी बीच भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि कैराना और बिजनौर में गोरखपुर और फूलपुर जैसी गलती नहीं होगी। इतना ही नही उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनाव मं भाजपा किसी बाहरी को टिकट नहीं देगी, बल्कि यहां स्थानीय प्रत्याशी को ही टिकट दिया जाएगा।
मृगंका को मिलेगा कैराना से टिकट!
भाजपा नेता ने इशारों में संकेत दिया कि कैराना से भाजपा मृगांका सिंह को टिकट देगी। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर उनका नाम नहीं लिया। लेकिन, स्थानीय नेता पर जोर देने का तात्पर्य उनका मृगंका सिंह से ही था। क्योंकि, मृगंका सिंह के अलावा भाजपा का वहां कोई भी स्थानीय कद्दावार नेता नहीं है। लक्ष्मीकांत वाजपेय के इस बयान से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। अब देखना यह होगा कि भाजपा लक्ष्मीकांत के इस बयान से कितना सहमत है। क्या सच में भाजपा यहां से मृगंका को ही टिकट देती है या फिर किसी और नाम पर मुहर लगाएगी।
विधानसभा चुनाव हार चुकी हैं मृगांका
लोकसभा उपचुनाव के लिए भले ही मृगांका को भाजपा अपना उम्मीदवार घोषित करे। लेकिन, आपको बतादें कि मृगांका अपने ही गृहक्षेत्र कैराना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार चुकी है। मृगांका को पार्टी ने 2017 में विधानसभा चुनाव लड़वाया था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली। वो भी उस समय जब उनके पिता हुकुम सिंह खुद वहां से सांसद थे। लेकिन, राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि पार्टी मृगांका इसलिए यहां से चुनाव लड़वाएगी, क्योंकि हुकुम सिंह की मौत की सहानभूति उन्हें मिल सकती और इससे पार्टी को फायदा हो सकता है। हालांकि, टिकट की रेस में राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंवदा तोमर और आरएसएस लॉबी के महेंद्र सिंह गुर्जर का नाम भी काफी चर्चा में है। स्थानीय नेताओं के मुताबिक, मृगांका नाम टिकट की रेस में सबसे आगे है, लेकिन पार्टी हाई कमान को जो भी फैसला होगा, उसे मंजूर किया जाएगा।
Updated on:
26 Mar 2018, 2:20 PM IST
Published on:
26 Mar 2018, 2:02 PM IST
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