मेडिकल कालेज के मीडिया प्रभारी डा. वीडी पाण्डेय’ ने बताया कि महिला नौसीना इडियोपैथिक थ्रांबोसाइटोपीनिया (प्लेटलेट का कम रहना) नामक बीमारी से ग्रसित थी।
परिजनों ने मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी विभाग में भर्ती करवाया। मरीज की डिलीवरी मेडिसिन विभाग की ’डा. आभा गुप्ता तथा डा. एसकेके मालिक’ ने करवाई। स्त्री एवम प्रसूति रोग विभाग की डा. रचना चौधरी उसका इलाज कर रही थी मरीज का प्रसव कराने में चुनौती ये थी की ऑपरेशन के बाद ब्लीडिंग बंद कैसे की जाएगी। महिला नौसीना ने साधारण प्रसव से एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद यूटेराईन बैलून टेंपोनेड नाम का गुब्बारे के इस्तेमाल से मरीज की ब्लीडिंग को रोक लिया तथा मरीज की जान बचाई। जच्चा और बच्चा दोनो स्वस्थ हैं।