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अगर आप रचाने जा रहे हैं शादी हो जाएं सावधान, इस तरह से अपने जाल में फंसा रही हैं लूटेरी दुल्हन

पीड़ितों ने एसएसपी से की शिकायत गिरोह में सात महिलाएं हैं शामिल पैसे ऐंठने के बाद शादी करने से टरकाने लगती हैं

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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

Nov 28, 2019

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मेरठ. इन दिनों बड़े पैमाने पर लोगों की शादियां हो रही हैं। ऐसे में विवाह कराने के नाम पर ठगी करने वाले रैकेट भी सक्रीय हो चले हैं। यह गिरोह अभी तक कई लोगों को अपने झांसे में फंसाकर ठगी कर चुका है। यह गिरोह खास तौर से उन लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं, जिनकी शादी नहीं होती है। इन्हें अपने झांसे में लेकर तलाकशुदा और विधवा महिलाओं की तरफ से वैवाहिक का पैगाम देकर ऐसे लोगों के साथ ठगी की जा रही है। बताया जाता है कि इस गिरोह में आधा दर्जन से ज्यादा महिलाएं और युवतियां शामिल हैं।

इस रैकेट के शिकार बन चुके कई लोगों ने मेरठ एसएसपी ऑफिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इन लोगों के मुताबिक तलाकशुदा और विधवा महिलाए अलग-अलग माध्यम से शादी के लिए सूचनाएं प्रकाशित करवाती हैं। इसमें इच्छुक व्यक्ति को मेडिकल थाना क्षेत्र के गढ़ रोड स्थित कार्यालय बुलाया जाता है। इस दौरान जो लोग शादी करने के ख्वाहिशमंद होते हैं उसका नाम, पता, उम्र, व्यवसाय, नौकरी और जमीन संबंधी सभी जानकारी लेने के बाद शादी करने के इच्छुक शख्स से 5100 रुपये जमा कराए लिए जाते हैं। गिरोह की संचालिका लोगों को आश्वासन देती हैं कि इन्हीं पैसों में से शादी के कागजात तैयार कराकर कोर्ट मैरिज कराए जाएंगे। गिरोह की संचालिया लोगों को यह भरोसा भी दिलाती है कि अगर महिला पसंद नहीं आई तो 1500 रुपये फीस काटकर 3600 रुपये वापस कर दिए जाएंगे।

इसके बाद गिरोह की संचालिका शादी करने के इच्छुक शख्स को कुछ महिलाओं के फोटो दिखाती है। शिकायतकर्ता के मुताबिक दो या तीन महिलाओं के ही फोटो दिखाए जाते हैं। शादी करने वाले शख्स को अगर महिला पसंद आ जाती हैं तो उस महिला से बातचीत कराई जाती है। इस दौरान फर्जी तरह से तैयार की गई महिला शादी करने को तैयार हो जाती है। इसके बाद शादी करने वाले शख्स को महिला पसंद आ जाने के बाद चलते वक्त उससे दुल्हन पसंद आने के एवज में 600 से लेकर 2000 रुपए तक संचालिका अलग से ले लेती हैं।

इसके भा भी वसूली का खेल
अब जिस महिला से शादी करने लिए उच्छुक शख्स की बातचीत कराई गई थी। वह महिला कुछ दिन के बाद उस शख्स को फोन कर बीमार होने और कुछ पैसों की जरूरत होने की बात कहकर अपने अकाउंट में पैसे मंगवा लेती हैं। इसके कुछ दिन बाद महिला शादी के लिए बहाने और टरकाने का खेल शुरू कर देती हैं। महिला अपने मंगेतर को कॉल करके कहती है कि मेरा भाई किसी काम से बाहर गया है, शादी के लिए पांच या छह माह का इंतजार करना पड़ेगा। इंतजार नहीं कर सकते तो शादी के लिए किसी अन्य महिला को तलाश लें। बताया जाता है कि इस गिरोह में एक संचालिका के अलावा छह अन्य महिलाएं भी शामिल हैं, जो लोगों से ठगी करने के बाद आपस में पैसे का बंटवारा करती हैं। इस पूरे खेल में संचालिका का आधा पैसा होता है, जबकि आधे पैसे में अन्य सभी महिलाएं शामिल होती हैं। गिरोह में मवाना के एक गांव निवासी महिला के अलावा, शहर की भी कई महिलाएं शामिल हैं। शादी के नाम पर यह गिरोह महिलाएं दिल्ली और अन्य राज्यों में बेचता है।