
Kanwar Yatra 2019: शादी के दो साल बाद से ला रहे पति-पत्नी कावंड़, भोलेनाथ ने दिया इन्हें ये वरदान, देखें वीडियो
मेरठ। सावन के महीने में कांवड़ लाने वालाें की अपनी अलग-अलग मनोकामनाएं होती हैं। कुछ लोग अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए कांवड़ लेकर आते हैं और फिर उसकी पूर्ति होने के बाद कांवड़ लाना बंद कर देते हैं, लेकिन वहीं बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपनी मनोकामना की पूर्ति होने के बाद भी भगवान भोलेनाथ पर आस्था रखते हुए मनोकामना पूर्ति के बाद भी कांवड़ ला रहे हैं।मेरठ में कई ऐसे भोलेभक्त हैं जो इस परंपरा का निर्वाहन कर रहे हैं।
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शादी के बाद दोनों ने शिव से मांगी थी मन्नत
ऐसे ही एक परिवार है मनीष का। मनीष और उनकी पत्नी शादी के दो साल बाद से लगातार कांवड़ लेकर आ रहे हैं। आज उनकी शादी को दस साल हो गए हैं, लेकिन मनीष और उनकी पत्नी तब से हर साल कांवड़ लेने जाते हैं। मनीष से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह अपनी पूजा को चर्चाआें में नहीं लाना चाहते। उनका कहना है कि शादी के दो साल बाद वह पत्नी के साथ कांवड़ लेने गए थे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी कि अगर उनके घर पुत्र हुआ तो वे अपने पुत्र के साथ भी कांवड़ लाते रहेंगे। इसके बाद उनको पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, जिसे उन्होंने भगवान शिव का आशीर्वाद माना।
अब पुत्र के साथ पति-पत्नी ला रहे कांवड़
उसके बाद से पति-पत्नी अपने पुत्र के साथ कांवड़ ला रहे हैं। आज उनके पुत्र की उम्र चार साल है। उनका बेटा जब चलने लायक हुआ, तब से ही कांवड़ लेकर आ रहा है। पूरे सावन उनका पुत्र उत्कर्ष लहसुन-प्याज नहीं खाता। वह माता-पिता के साथ हरिद्वार जाता है और उसके बाद पैदल ही छोटी कांवड़ अपने कंधे पर रखकर लाता है। बेटे के कारण उनको मेरठ तक कांवड़ लाने में दो से तीन दिन का अतिरिक्त समय लगता है। इस बार भी वे अपने बेटे के साथ कांवड़ लाने हरिद्वार गए हैं।
Published on:
24 Jul 2019 12:43 pm
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