
मेरठ। देश की रक्षा के लिए शहीद जवान के परिवार का हाल उसके जाने के बाद कैसा होता है, यह मेरठ में देख सकते हैं। यहां पर शहीद जवान का परिवार आज अपना सिर छुपाने के लिए आसरा तलाश रहा है। दर-दर भटक रहे इस परिवार की मदद करने के लिए आज कोई आगे नहीं आ रहा है। प्रशासन और स्वयं सेवी संस्थाओं को भी इस परिवार की कोई सुध नहीं है। शुक्रवार को यह परिवार डीएम कार्यालय पहुंचा और गुहार लगाई।
50 साल से रह रहा है परिवार
सोहन दास भारतीय सेना में तैनात थे और देश की सेवा करते हुए शहीद हुए थे। उनका परिवार मेरठ के तोपखाना में पिछले 50 साल से रह रहा है। परिवार में उनकी पत्नी सीता देवी अपने बेटी अनिता के साथ जिस मकान में रहती थी। उस मकान के मालिक ने मकान खाली करने के लिए पहले तो शहीद के परिवार को नोटिस दिया। इसके बाद जब शहीद के परिवार ने मकान खाली नहीं किया तो इसके बाद अदालत में बेदखली का वाद दायर कर दियां। जिसके बाद कोर्ट ने शहीद के परिवार को मकान खाली करने का आदेश दे दिया।
डीएम से घर की व्यवस्था की गुहार
इसके बाद से शहीद का परिवार परेशान है। वह मकान खाली करने की तिथि के बाद वे घर से बेदखल हो गए हैं। उनके पास सिर छुपाने के लिए कोई आसरा नहीं है। शहीद का परिवार परेशान घूम रहा है। परिवार ने डीएम अनिल ढींगरा को दिए प्रार्थना पत्र में मांग की है कि वह सिर छुपाने के लिए एक घर की व्यवस्था करवा दें। इस दौरान सीता देवी ने बताया कि जिस मकान में वे रहते थे, उससे उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं। उन्होंने मकान मालिक से काफी मिन्नत की, लेकिन उसने उनकी एक नहीं सुनी और घर खाली कराने का नोटिस दिलवा दिया।
Published on:
30 Aug 2019 06:43 pm
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