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गुजरात और हिमाचल की जीत से मेरठ में पराजित भाजपाइयों ने ऐसे मनाई खुशी

भाजपाइयों ने की आतिशबाजी और बांटी मिठाइयां

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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

Dec 18, 2017

meerut BJP

मेरठ. गुजरात और हिमाचल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली जीत ने मेरठ में मिली दो हार का गम भुला दिया। दोनों राज्यों में जीत से गदगद हुए भाजपाइयों ने शहर में जमकर आतिशबाजी की और मिठाइयां बांटी। भाजपा के पश्चिम व्यापार प्रकोष्ठ के विनीत शारदा का कहना है कि गुजरात में बीजेपी की ये लगातार छठीं जीत है। बीजेपी को इस बार जीत दिलाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अहम भूमिका है।

मेरठ की हार का गम भूले भाजपाई
मेरठ में अभी हाल ही में दो चुनावों में भाजपा की हार हुई थी, जिसमें पहले नगर निगम चुनाव में भाजपा की महापौर कांता कर्दम बसपा की सुनीता वर्मा से हार गई थी। इसके बाद हुए विवि छात्र संघ चुनाव में भी एबीवीपी अध्यक्ष पद पर चुनाव हार गई थी। दो-दो हार से जूंझ रही भाजपा को इन दोनों राज्यों में भाजपा को मिली जीत के बाद मेरठ के भाजपाइयों में हर्ष की लहर है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखों के साथ लड्डू बांटे और डोल पर डांस भी किया।

कांग्रेस की हार पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस के पूर्व विधायक और एआईसीसी के सदस्य पंडित जयनरायण शर्मा ने कहा कि जनादेश स्वीकार करना चाहिए। यह जनता का संदेश है। उनका कहना था कि कहीं न कहीं बीजेपी ने गड़बड़ की है। ईवीएम हैक की शिकायतें पहले भी कई चुनाव में मिली है। चुनाव आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए। हम आगे आने वाले चुनाव में फिर से जी जान से राहुल जी के नेतृत्व में लड़ेंगे। हार-जीत लगी रहती है। रालोद के जिलाध्यक्ष राहुल देव का कहना है कि भाजपा को इतना प्रसन्न होने की जरूरत नहीं है। आगे 2019 में देश की जनता सबक सिखा देगी। इसकी शुरुआत मेरठ से हो चुकी है।

मेरठ से हो चुकी है भाजपा की हार की शुरुआत
समाजवादी के पूर्व मंत्री कुलदीप उज्जव ने कहा कि भाजपा को अतिउत्साह में नहीं आना चाहिए। ये राजनीति है। आज वे सत्ता में है तो कल कोई और होगा। भाजपा को 2019 में करारा जवाब मिलेगा। बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि भाजपा को हराने की शुरुआत मेरठ से हो चुकी है। पश्चिम उप्र में भाजपा कितने पानी में है। यह 2019 में पता चल जाएगा।

बीजेपी ने गुजरात मॉडल को बताया सफल
पिछले दो दशकों में बीजेपी के लिए ये जीत सबसे ज्यादा मुश्किल लग रही थी। इस बार का गुजरात विधानसभा का चुनाव महज गुजरात के लिए नहीं लड़ा जा रहा था, बल्कि देश की सियासत के लिए भी एक लिट्मस टेस्ट माना जा रहा था। यही वजह है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात में बीजेपी की सियासी बिसात खुद बुन कर जीत में तब्दील कर दी। भाजपा के शास्त्रीनगर मंडल प्रभारी संजीव शर्मा ने कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों का असर 2019 के लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। वहीं, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि गुजरात विकास मॉडल पर लगातार विपक्षी दल सवाल उठा रहे थे अब उन्हें जवाब मिल गया है।