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एक अप्रैल से शुरू होने जा रहे मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर भूल से भी हुई ये गलतियां तो लगेगा भारी जुर्माना

एएनपीआर से लैस होगा हाईवे पर टोल प्लाजा पूरे हाईवे पर होंगे मानव रहित टोल प्लाजा 125 से अधिक रफ्तार पर हाेगा चलेना

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मेरठ

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shivmani tyagi

Mar 15, 2021

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर फर्ऱाटा भरने के लिए तैयार हाे जाईये। एक अप्रैल से यह हाइवे लाेगाें के लिए खुल जाएगा। कई मायनों में यह हाइवे देश का सबसे अत्याधुनिक हाइवे होगा। 78 किमी लंबाई वाले इस दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे अब 31 मार्च तक कार्य पूरा होने के बाद इस पर वाहन फर्राटा भर सकेंगे। इस एक्सप्रेस वे पर मानव रहित टोल प्लाजा बनाए जाने का काम अंतिम चरण में है। यह एक्सप्रेव-वे हाई स्पीड लेटेस्ट टैक्नालॉजी से लैस होगा। इसलिए कुछ सावधानियां भी बरतनी हाेंगी वर्ना ताे चालान कटने में भी देर नहीं लगेगी।

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इस एक्सप्रेस-वे पर एएनपीआर सिस्टम लगाए जा रहे हैं जो गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट को एक्सप्रेस-वे पर चढ़ते ही स्कैन कर लेंगे। एएनपीआर मतलब आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकोगनेशन सिस्टम कैमरे की जद में आते ही वाहनों का टोल फास्टटैग के माध्यम से अपने आप ही कट जाएगा। इसके अलावा अगर नंबर प्लेट हाई सिक्योरिटी नहीं है और इस एक्सप्रेस वे पर चल रहे हैं तो चालान कट जाएगा और आपके घर पहुंच जाएगा।

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एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि ये एक्सप्रेस-वे कई मामलों देश के अन्य हाईवे से बिल्कुल अलग है। इस एक्सप्रेस वे पर अगर 125 की स्पीड पर चालक ने ट्रैफिक के नियमों को तोड़ा तो तुरंत चालान उसके घर पर पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि हाई स्पीड कैमरों से लैस इस एक्सप्रेस वे पर लेटेस्ट टैक्नालॉजी का इस्तेमाल किया गया है।

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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम अंतिम चरण में गति पकड़ गया है। इसके चलते यूपी गेट से विजयनगर तक मुख्य कॉरीडोर को यातायात के लिए फिलहाल बंद कर दिया गया है। प्रोजेक्ट मैनेजर ने जानकारी दी कि मुख्य कारीडोर पर जगह-जगह कर्मचारी काम कर रहे हैं। एबीईएस के पास आरओबी से पहले की सड़क निर्माण के चलते भी यातायात रोका गया है। फ्लैक्स और वाहनों के बोर्डों को लगाया जा रहा है। उद्धाटन की तिथि मिलने के बाद काम ने और तेजी पकड़ ली है। तीन शिफ्टों में अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे है।

पांचवे चरण में और नजदीक होगा मेरठ शहर
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण मेरठ और गाजियाबाद जिले की 13 गांवों की जमीन के सहारे हापुड़ रोड से जुड़ेगा। 10 गांवों की जमीन मेरठ जिले में है तो तीन गांव गाजियाबाद जिले के हैं। परतापुर से करीब पांच किलोमीटर पहले ही एक्सप्रेसवे का लिंक हापुड़ रोड की ओर निकल जाएगा। इससे परतापुर तिराहे का जाम भी समाप्त हो जाएगा।
पांचवा चरण महत्वपूर्ण है जिसका टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। इस 14 किलोमीटर के लिंक एक्सप्रेसवे से मेरठ शहर और नजदीक हो जाएगा। लोग परतापुर से करीब पांच किलोमीटर पहले ही मेरठ की ओर से हापुड़ रोड से पहुंच जाएंगे।