13 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Meerut: Corona जांच के नाम पर निजी लैब ने निगेटिव रिपोर्ट को बना दिया पॉजिटिव

Highlights डीएम ने पकड़ी निजी लैब की लापरवाही लैब का लाइसेंस किया गया सस्पेंड आठ में से छह की रिपोर्ट आयी निगेटिव  

2 min read
Google source verification
meerut

five-children-who-came-in-contact-with-woman-of-rasilpura-were-also-in

मेरठ। डीएम अनिल ढींगरा (DM Meerut) ने निजी मार्डन लैब (Private Lab) की बड़ी लापरवाही पकड़ी है। इस लैब में ठीक-ठाक मरीजों को कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) बनाए जाने का खेल चल रहा था। लैब में कई मामले ऐसे सामने आए जहां लोगों को कोरोना पॉजीटिव बता दिया गया, जब उनकी दोबारा जांच हुई तो वह निगेटिव निकले। इस बड़ी लापरवाही पर डीएम ने तुरंत मार्डन लैब का लाइसेंस सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया।

यह भी पढ़ेंः कोरोना के लॉकडाउन में ईद पर टूट गया इस शाही ईदगाह का 800 साल पुराना रिकार्ड

बता दें कि जिले में मेडिकल की सरकारी लैब के अलावा कोरोना की जांच के लिए दो और पैथोलॉजी लैब को अधिकृत किया गया था। इनमें से एक डॉ. पैथ लैब और दूसरी प्यारेलाल अस्पताल की मार्डन लैब है। जिसे गुरुग्राम की एक निजी कंपनी संचालित करती है। मार्डन लैब में कोरोना की जांच के लिए सैंपल कलेक्शन का काम मेरठ में होता है और सैंपल की जांच गुरुग्राम में होती है। कंपनी इसके लिए 3800 रुपये के अलावा कलेक्शन चार्ज भी लेती है, लेकिन इतनी मोटी रकम लेकर भी गलत रिपोर्ट दी जा रही थी। कई ऐसे लोगों को कोरोना संक्रमित घोषित कर दिया गया। जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

यह भी पढ़ेंः कोरोना के बाद वेस्ट यूपी के किसानों में पाकिस्तानी टिड्डियों का खौफ, जारी किया गया हाई अलर्ट

सोमवार को खुद डीएम अनिल ढींगरा ने यह बड़ी चूक पकड़ी। बीते दो दिनों में मॉर्डन लैब में आठ व्यक्तियों के सैंपल जांच के बाद उन्हें कोरोना पॉजिटिव घोषित कर दिया गया था। इन सभी मरीजों की जांच मेडिकल कॉलेज की लैब में हुई तो छह निगेटिव मामले सामने आए। इसकी सूचना डीएम अनिल ढींगरा को मिली तो उन्होंने खुद इसकी जांच की। जिसमें ये हैरान करने वाली जानकारी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तुरंत उक्त लैब को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।