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जब भगवान राम और हनुमान खुद ही करने लगे रामलीला मैदान की सफाई!

आयोजक और कलाकारों की मानें तो मैदान की साफ-सफाई को लेकर कई बार प्रशासन को भी बोला गया है लेकिन वह हर बार नजरअंदाज कर देते हैं।
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मेरठ

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pallavi kumari

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Updated: 25 Sep 2017, 4:39 PM IST

ramlila maidan

ramlila maidan

मेरठ. मुसिबत के समय जब कोई उम्मीद की किरण नजर नहीं आती है तो हम सब भगवान को ही याद करते हैं, लेकिन कैसा हो जब भगवान ही मुसिबत में पड़ जाएं। जी हां, मेरठ में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जहां खुद भगवान राम अपनी सेना के साथ, जिसमें लक्ष्मण और हनुमान भी शामिल हैं रामलीला मैदान को साफ करते नजर आ रहे हैं।

दरअसल बरसों से शहर के पुराने इलाके बुढ़ाना गेट स्थित जिमखाना मैदान में राम लीला का मंचन होता है। दस दिनों तक चलने वाली इस राम लीला में शहर के अलावा दूरदराज से इसके पात्र यहां आते हैं। नवरात्री शुरु होते ही राम लीला का भी मंचन शुरु हो जाता है। लेकिन इस वर्ष जैसे ही राम लीला शुरु हुआ, वैसे ही इन्द्र देवता ने अपना प्रकोप दिखाते हुए राम लीला के मंचन में खलल डाल दी। बिन मौसम बारिश ने रामलीला का पूरा मजा किरकिरा कर दिया है।

मैदान के हालात ये हो गए है कि पानी तो भरा ही साथ ही किचड़ के कारण कुछ करना भी असम्भव था। इसके चलते पिछले तीन दिनों से रामलीला का मंचन मैदान छोड़ नजदीक बनी एक हॉल में कराया जा रहा है। आयोजक और कलाकारों की मानें तो मैदान की साफ सफाई और पानी निकालने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से लेकर मेयर और विधायक से लेकर बीजेपी के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक लक्ष्मीकांत से भी गुहार लगाई गई। लेकिन थक हारने के बाद जब किसी ने कोई मदद नहीं कि तो आज भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान खुद ही मैदान को दुरुस्त करने के लिए मैदान में उतर पड़े।







रामलीला मंडली संचालक अखिलेश शास्त्री का कहना है कि कई बार नगर निगम और मेयर से मुलाकात कर मैदान से पानी निकालने और व्यवस्था ठीक कराने की गुहार लगाई गई है। रामलीला का पूरे साल लोगो को इंतजार रहता है लेकिन दुख की बात तो यह है कि लोगों की आस्था से खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं हनुमान जी का किरदार निभा रहे अभिषेक चर्तुवेदी की मानें तो जब किसी से कोई मदद नहीं मिली तो हम सब ने तय किया की क्यों ना खुद सफाई करने का मोर्चा हम लोगों खुद ही सम्भाल लेते है।

जहां एक तरफ प्रदेश सरकार त्योहार के मौसम में खास तौर पर रामलीला के आयोजन और मंचन के लिए 24 घंटे बिजली पानी और सुरक्षा के दावे कर रही है तो वहीं नगर निगम है जो साल में एक बार होने वाली रामलीला के लिए अपना रवैया बदलने के लिए तैयार नहीं है। साथ ही बीते दिन प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात में लोगों से सफाई को ही पूजा मानने की बात कही है लेकिन मेरठ में नगर निगम के अधिकारी अपने मन के आगे प्रधानमंत्री के मन की बात मानने को तैयार नहीं हैं।

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