
मेरठ के एफपीओ ने किया देश का पहला बासमती निर्यात, राज्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी
आज एफपीओ के माध्यम से बासमती चावल निर्यात का मेरठ प्रदेश का पहला जिला बन गया। राज्यमंत्री पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी, भारत सरकार डॉ0 संजीव बालियान ने हरी झंडी दिखाकर चिराग कृषि फॉर्म, कुशावाली, सरधना, मेरठ से ट्रक को रवाना किया।
इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस एफपीओ ने एक साल के अंदर 400 सदस्य बनाकर और यहां के किसानों के द्वारा पैदा किए गए बासमती चावल को सीधे निर्यात करके देश में पहला उदाहरण पेश किया है। इससे देश के अन्य एफपीओ प्रेरणा लेकर विभिन्न कृषि उत्पादों का निर्यात शुरू करेंगे।
मंत्री संजीव बालियान ने एफपीओ को सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं इसके विकास के लिए सरकार से पूर्ण सहयोग देने का वादा किया। एफपीओ की सफलता में नाबार्ड, एपिडा, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार तथा अन्य सरकारी विभागों की भूमिका की सराहना की। एफपीओ को वित्तपोषण के साथ छमता निर्माण के लिए नाबार्ड के सहयोगी नैब किसान फाइनेंस लिमिटेड द्वारा दिए गए 15 लाख रुपए का चेक मंत्री ने एफपीओ के चेयरमैन विनोद सैनी एवं डायरेक्टर नीरजा शर्मा को सौंपा।
उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति के तहत सरधना ब्लॉक में बनाए गए बासमती के क्लस्टर के किसानों के द्वारा उत्पादित बासमती धान को हरियाणा की कंपनी के साथ पिछले एक नवंबर को जिलाधिकारी कार्यालय में हुए करार के तहत प्रोसेस और पैक किया जाएगा। जिसके बाद इसे निर्यात किया जाएगा। निर्यात को कराने में बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान, एपिडा, भारत सरकार की प्रमुख भूमिका रही।
फ्लैग ऑफ समारोह में मेरठ के मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ0 मनोज कुमार, कृषि संयुक्त निदेशक डॉ0 अमरनाथ मिश्रा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक रचित उप्पल, एपिडा के प्रधान वैज्ञानिक रितेश शर्मा, जिला कृषि अधिकारी डॉ0 प्रमोद सिरोही, उप कृषि निदेशक बृजेश कुमार, वरिष्ठ मार्केटिंग इंस्पेक्टर कृषि विपणन बीपी सिंह, एसबीआई बैंक प्रबंधक सचिन कुमार सहित 300 किसानों ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे।
Published on:
12 Nov 2022 09:03 pm
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