
मेरठ एसपी ने रोकी संगीत सोम की गाड़ी | Image Source - Social Media
Meerut SP Stopped Sangeet Som Car in Meerut: उत्तर प्रदेश के मेरठ में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें शामिल होने के लिए प्रदेश के कई बड़े नेता और जनप्रतिनिधि पहुंचे। इसी दौरान भाजपा के फायरब्रांड नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम को पुलिस ने कार्यक्रम स्थल के पास रोक लिया। पुलिस द्वारा प्राइवेट गाड़ी से अंदर जाने की अनुमति न मिलने पर वे भड़क गए। उनका पुलिस अधिकारियों से लगभग 20 मिनट तक तीखी बहस हुई। इस बहस के बाद वे गाड़ी मोड़कर तीन किलोमीटर लंबा रास्ता तय करते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
घटना मेरठ के मोदीपुरम स्थित दुल्हैड़ा चौकी के पास की है, जहां सीएम योगी कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करने वाले थे। हाईवे पर भारी भीड़ और वनवे व्यवस्था के कारण पुलिस प्रशासन ने सभी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया था। इसी दौरान भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम अपनी प्राइवेट गाड़ी से कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे थे, लेकिन वहां तैनात एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र और एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार ने उनकी कार को बैरिकेडिंग पर रोक दिया।
जब अफसरों ने उन्हें बताया कि उनके लिए सरकारी गाड़ी की व्यवस्था की गई है और उन्हें उसी से अंदर जाना होगा, तो सोम ने साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा,
"मैं सरकारी गाड़ी में नहीं बैठूंगा, अगर जाना है तो अपनी गाड़ी से ही जाऊंगा, नहीं तो यहीं रास्ते में बैठ जाऊंगा।" इस दौरान संगीत सोम के समर्थकों ने बैरिकेड्स हटाने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें पीछे किया।
संगीत सोम ने मौके पर मौजूद पत्रकारों से मुस्कुराते हुए कहा, "गाड़ी पीछे नहीं हटेगी, ये आयोजन हमारा है। हमारे सीएम आ रहे हैं। इसलिए व्यवस्था बनाना हमारा कर्तव्य है। गाड़ी आगे जाएगी, आप निश्चिंत रहें।" हालांकि प्रशासन नहीं झुका और अंत में सोम को पीछे हटना पड़ा।
अधिकारियों से बहस के बाद संगीत सोम ने दूसरा रास्ता अपनाया। वह मोदीपुरम फेज-2 की ओर से तीन किलोमीटर का चक्कर लगाकर शोभित यूनिवर्सिटी स्थित पार्किंग तक पहुंचे। यहां सीएम योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर के लिए हेलिपैड बनाया गया था। अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ सोम भी यहां से सीएम के साथ कार्यक्रम स्थल तक गए और मंच पर मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की गाड़ी को भी पुलिस ने रोक लिया। ड्यूटी पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उन्हें पहचान नहीं पाए, जिससे वे काफी नाराज हो गए। वाजपेयी ने गुस्से में कहा, "गाड़ी यहीं खड़ी कर दूंगा, अभी सबको पता लग जाएगा।" बाद में जब अधिकारियों को उनकी पहचान का पता चला, तो गाड़ी को कार्यक्रम स्थल की ओर जाने दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीआईपी मूवमेंट के दौरान ऐसी चूक और असमंजस से साफ जाहिर है कि मौके पर समन्वय की कमी थी। जहां एक ओर अधिकारियों ने कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से नियमों का पालन किया, वहीं जनप्रतिनिधियों को उचित सूचना और समन्वय न मिलने से विवाद की स्थिति बन गई।
विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सीएम ने दुल्हैड़ा चौकी के पास हाईवे पर पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया। मंच पर उनके साथ संगीत सोम, डॉ. वाजपेयी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सीएम ने कांवड़ यात्रा की सराहना की और पुलिस प्रशासन को सफल व्यवस्था के लिए बधाई दी।
Updated on:
20 Jul 2025 02:29 pm
Published on:
20 Jul 2025 02:29 pm
