
मेरठ. थाना नौचंदी क्षेत्र में बरसो पुरानी वक्फ की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने का मामला सामने आया है। हजारों वर्ग मीटर इस ज़मीन को किसी और ने नहीं, बल्की बोर्ड के मुतवल्ल ने ही चंद पैसो के लिए एक प्राइवेट बिल्डर को बेच दी। इस ज़मीन पर आरएफसी का दफ्तर भी मौजूद है। मामले का खुलासा होने पर अब जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की तरफ से दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
आपको बता दें कि ठीक थाने की पीछे नादिर अली का महल है। इस महल में ही आरएफसी का दफ्तर चलता है। इस महल के आसपास सहित ये जमीन 13 हजार 612 वर्ग मीटर है। जिसको कई वर्ष पहले मुतल्लवी आफताब अहमद ने स्टार सिटी डेवलपर के अलावा कई अन्य को 90 लाख रूपए में फ़र्ज़ी बैनामा कराकर बेच दिया था।
इस मामले में तत्कालीन आरएफसी दफ्तर के अधिकारियों ने शासन को अवगत भी कराया था, लेकिन तब से अब तक ये मामला ठण्डे बस्ते में चला गया था। पर अब इसकी जानकारी कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार को हुई तो उन्होंने मुतल्लवी आफताब के अलावा एक अन्य के खिलाफ फ़र्ज़ी तरीके से वक्फ की जमीन बेचने के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया है। जब इस मामले की जांच कराई गई तो जमीन वक्फ की ही निकली। जांच के बाद ही ये साफ हो पाएगा कि अखिर इस सब के पीछे किस-किस का हाथ है। गौरतलब है कि देशभर में वक्त की इतनी जमीन है कि बिना सरकारी मदद के मुस्लिम समाज के लिए समूचित विकास कार्य किया जा सकता है, लेकिन दुर्भाग्यवश वक्फ की जमीन का सही तरीके से रख रखाव व प्रबंधन नहीं होने की वजह से इन जमीनों पर अवैध कब्जा दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है। इसमें सबसे दुखद बात ये है कि खुद सरकारी महकमा भी कई स्थानों पर वक्फ की जमीन पर कब्जा किया हुआ है और इसका किराया तक नहीं दिया जाता है। रही सही कसर खुद मुस्लिम समाज के ठेकेदारों ने पूरी कर दी है। आफताब जैसे कौम के गद्दार सरकारी साठ-गांठ से वक्फ अध्यक्ष के पद पर पहुंच कर वक्फ के आस्तीन के सांप की तरह काम करते हैं। वक्फ की जमीन का सही प्ररबंधन के लिए वक्त रहते ऐसे लोगों को वक्फ बोर्ड से निकाल बाहर करने की जरूरत है।
Published on:
23 Sept 2017 04:47 pm
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