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रमजान महीने में 20 साल बाद बन रहा एेसा संयोग

रमजान महीना शुरू हो रहा 17 मई से, 14 जून का रोजा होगा सबसे बड़ा  
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 14 May 2018, 6:32 PM IST

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मेरठ। बरकत और रहमत का महीना रमजान 17 मई से शुरू हो रहा है। रोजे को लेकर मस्जिदों और बाजारों में तैयारी जोरों पर है। रमजान का पहला रोजा 14 घंटे से अधिक का होगा, जबकि सबसे लंबा रोजा 14 जून को 15 घंटे छह मिनट का होगा। 17 मई की सुबह से पहले रोजे की शुरुआत हो जाएगी। रमजान में सहरी और इफ्तार के टाइम टेबल छपकर आ चुके हैं।

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20 साल बाद रमजान माह में पांच जुमे

शहर काजी जैनुर्रराशिद्दीन ने बताया कि इस बार रमजान के पाक मौके पर दो तारीख को पहला जुमा होगा। इस दिन अंग्रेजी तारीख 18 मई होगी। जबकि दूसरा जुमा 25 मई, तीसरा जुमा एक जून, चौथा जुमा आठ जून और आखिरी जुमा, जुमातुल विदा 15 जून को होगा। उन्होंने बताया कि इस्लामिक माह शव्वाल का चांद दिखाई देने पर 16 जून को ईद उल फितर मनाई जाएगी। हालांकि चांद के दीदार के साथ एक दिन घट सकती है। उन्होंने बताया कि रमजान महीना में 20 साल बाद यह पहला मौका है, जब पांच जुमे आएंगे।

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तीन भागों में बांटा गया रमजान महीने को

रमजान महीने को तीन भागों में बांटा गया है। पहले भाग में एक से दस तक के रोजे होते हैं, जिसमें बताया गया है कि यह रहमतों (कृपा) का दौर होता है। दूसरे दस दिन मगफिरत (माफी) का और आखिरी हिस्सा जहन्नुम (नर्क) की आग से बचाने का करार दिया गया है।

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मस्जिदों में चलेगा 27 दिन तरावीह का दौर

पहले रोजे की सहरी सुबह 3.55 बजे खत्म होगी और शाम को इफ्तारी 7.07 बजे होगा। इस बार रोजों के मौके पर अधिकांश मस्जिदों में 27 दिनों तक तरावीह चलेगी। तरावीह की नमाज पढ़ाने के लिए हाफिज-ए-कुरान की चयन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उम्दा कुरान पढ़ने वाले हाफिजों को मस्जिदों में तरजीह दी जाती है।

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