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मुस्लिम महिला ने मंदिर निर्माण के लिए किया एेसा बड़ा काम कि आपने अब तक नहीं सुना होगा, सब जगह हो रही है तारीफ

कहा- अपने धर्म के साथ-साथ दूसरे धर्मों का भी करती हूं सम्मान  

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meerut

मुस्लिम महिला ने मंदिर निर्माण के लिए किया एेसा बड़ा काम कि आपने अब तक नहीं सुना होगा, सब जगह हो रही है तारीफ

मेरठ। कोर्इ मुस्लिम मंदिर निर्माण के लिए अपनी जमीन दान में दे दे, एेसी बातें कम ही सुनने को मिलती है, लेकिन मेरठ के कस्बा सिवाल खास की एक मुस्लिम महिला अकबरी ने एेसा करके मिसाल पेश कर दी है। उनके घर पर मंदिर के लिए चंदा मांगने आए कुछ लोगों को अकबरी ने अपने पति की अनुपस्थिति में मंदिर के लिए जमीन दान में देने की बात रखी तो चंदा मांगने वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। फिर अकबरी ने यह बात अपने पति के आने पर बतार्इ तो पति ने भी इस पर सहमति जतार्इ। इसके बाद अकबरी की जमीन पर मंदिर निर्माण की बुनियाद रखने का काम शुरू हो गया।

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100 गज की जमीन दी मंदिर के लिए दान

मेरठ के सिवालखास में रिटायर्ड शिक्षक आस मोहम्मद के घर पर हिन्दू वर्ग के लोग कस्बे में मंदिर के लिए चंदा मांगने पहुंचे। उस समय आस मोहम्मद घर पर नहीं थे। इन लोगों ने गांव में मंदिर के लिए जमीन खरीदने आैर उसके निर्माण के लिए चंदा मांगा। इस पर आस मोहम्मद की पत्नी अकबरी ने कहा कि वह दान में अपनी 100 गज जमीन दे सकती हैं। दान मांगने आए लोगों को पहले तो इस पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब अकबरी ने जोर देकर कहा तो चंदा मांगने आए लोगाें ने हां कर दी। इसके बाद अकबरी ने अपने पति से भी इस बारे में बात की। उन्होंने भी इस पर अपनी सहमति जता दी। इसके बाद अकबरी ने हिन्दुआें को मंदिर निर्माण के लिए 100 गज जमीन दान में दे दी। इसके बाद मंदिर की बुनियाद रखने का काम शुरू हो गया।

दूसरे धर्मों की भी करती है सम्मान

अकबरी ने बताया कि वह अपने धर्म में पूर्ण विश्वास रखती है। साथ ही दूसरे धर्मों का भी सम्मान करती है। उनका परिवार मस्जिदों में दान करता रहा है, लेकिन पहली बार जब मंदिर के लिए चंदा लेने कोर्इ आया तो उन्होंने अपनी जमीन दान में दे दी आैर उन्हें खुशी हो रही है।