9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एनडी तिवारी की इस बात को जानने के बाद विपक्ष की इज्जत करने को हो जाएंगे मजबूर

एनडी तिवारी बतौर मुख्यमंत्री मेरठ दौरे पर विपक्षी नेताओं की ऐसी की इज्जत, लोग आज भी यादकर हो जाते हैं भावुक

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Iftekhar Ahmed

Oct 18, 2018

ND TIwari

एनडी तिवारी की इस बात को जानने के बाद विपक्ष की इज्जत करने को हो जाएंगे मजबूर

मेरठ. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का गुरुवार दोपहर को निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 93 वर्ष के थे। उनसे जुड़ी यादें आज भी मेरठ के लोगों के दिलो-दिमाग में ताजा है। एनडी तिवारी उस दौर में वृहद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तब जब उत्तराखंड भी इसी में शामिल हुआ करता था। बात 16 सितंबर 1984 की है। जब मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार एनडी तिवारी मेरठ आए तो उस दौरान उनके साथ पूर्व विधायक जय नारायण शर्मा भी थे। पंडित जय नारायण शर्मा उस दिन और पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के साथ बिताए दो घंटे की यादों को पत्रिका के संवाददाता केपी त्रिपाठी से साझा करते हुए भावुक हो उठे। एआईसीसी के सदस्य और पूर्व विधायक जय नारायण शर्मा ने बताया कि नारायण दत्त तिवारी मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश के दौरे पर थे। मेरठ में भी उनके दौरे में शामिल था। वे मेरठ सुबह 11 बजे आए और सर्किट हाउस से सीधे जिला अस्पताल पहुंच गए। जिला अस्पताल में नारायण दत्त तिवारी ने मरीजों से बात की और उनकी परेशानियों को जाना। उन्होंने जिला अस्पताल का निरीक्षण पैदल किया। सीएमओ उन्हें घुमाना चाहते थे, लेकिन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी जिला अस्पताल के वार्डाें में चलकर गए और भर्ती मरीजों से भी जानकारी हासिल की।


नहीं आया था पूर्व नियोजित कोई कार्यक्रम
पंडित जयनारायण शर्मा ने बताया कि नारायण दत्त तिवारी का कोई पूर्व नियोजित सरकारी कार्यक्रम नहीं आया था। लखनऊ से उनके वीआईपी कार्यक्रम की जो सूची आई थी, उसमें मात्र इतना ही लिखा हुआ था कि मुख्यमंत्री 11 बजे मेरठ आएंगे और किस समय कहां जाएंगे यह गुप्त रखा गया था।


सर्किट हाउस में सबसे अधिक विपक्षी नेताओं की शिकायतें सुनीं थी
पंडित जयनारायण शर्मा ने बताया कि सर्किट हाउस में उस दिन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने सर्वाधिक विपक्षी नेताओं की शिकायतें सुनीं थी। इसके बारे में जब उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा तो उन्होंने कहा कि विपक्षी ही आपकी प्रगति के द्योतक होते हैं। उनसे ही पता चलता है कि आप क्या कर रहे हैं या सरकार कैसी चल रही है।

तीन घंटे में जाना था पूरे मेरठ को
नारायण तिवारी बतौर मुख्यमंत्री तीन घंटे मेरठ रहे, उस दौरान उन्होंने इन तीन घंटों में पूरे मेरठ को जान लिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री कार से दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।