
आयोग की सदस्य पहुंची बागपत और कर दिया इस योजना का ऐलान, लाभार्थियों को मिलेंगे 40 हजार रुपये
बागपत। विकास भवन सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने सफाई कर्मचारियों से संबंधित मुख्य बिंदुओं पर समीक्षा बैठक की। इस दौरान मंजू दिलेर ने कहा कि केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं गरीब तक अवश्य पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी किसी भी योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। उसे हर कीमत पर योजना का लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव का मल मानव द्वारा ढोना एक अमानवीय कृत्य है, जिसे खुद माननीय न्यायालय ने भी कानूनन अपराध माना है। उन्होंने बताया कि मानव का मल मानव द्वारा ढोने जैसी कुप्रथा को मैनुअल स्कैवेंजर्स एक्ट-2013 में लागू कर प्रतिबंधित किया गया था। किंतु देश के 12 राज्यों में अभी यह कुप्रथा चल रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है।
उन्होंने कहा वर्ष 2013 से पूर्व यह कुप्रथा का कार्य काफी संख्या में था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश के 47 जनपदों में भी मानव मल उठाये जाने की कुप्रथा आज भी चल रही है। उन्होंने बताया कि इस कुप्रथा को जड़ से खत्म करने हेतु स्वच्छकार मुक्ति योजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य ऐसे सभी लोगों को जोड़कर योजना अंतर्गत 40000 का आर्थिक अनुदान प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है। दिलेर ने विकास भवन में संबंधित अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए सरकार की मंशा के अनुरूप बिना भेदभाव के समाज के दबे व कुचले वर्ग के लोगों को हक देने के लिए कार्य करें।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत के साथ सबका साथ सबका विकास का नारा ही माननीय प्रधानमंत्री जी का सपना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाहरी सर्वे कराकर मानव मल ढोने की कुप्रथा में जो लोग लगे हैं, उनको प्राथमिकता पर स्वच्छकार मुक्ती योजना से लाभान्वित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर इस कुप्रथा में संलिप्त लोगों को चिन्हित कर उन्हें मुक्त कराया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नियुक्त सफाई कर्मियों को शैक्षिक योग्यता के आधार पर लिपिक आदि पदों पर पदोन्नति कराने, सवेतन साप्ताहिक अवकाश देने, सफाई कर्मियों को सेफ्टी किट देने, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मलिन व दलित बस्तियों में छूटे लोगों का पंजीकरण कराने, समान काम समान बेज दिलाने व मृतक आश्रित को चिकित्सा क्षतिपूर्ति बिल भुगतान कराने सहित आदि समस्याओं से अवगत कराते हुए समय से निराकरण के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी दबे कुचले समाज से हैं। इसलिए अधिकारी उनको उनका हक पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से दें तथा किसी प्रकार से उनका शोषण न होने दें। उन्होंने कहा इस समाज के जिन परिवारों के लोग नौकरी से वंचित हैं उन परिवारों के लोगों को भी प्राथमिकता पर नौकरी में रखा जाए न कि एक ही परिवार के लोगों को। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी पीसी जायसवाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी विमल ढाका, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा, एलडीएम प्रदीप, अधिशासी अधिकारी खेकड़ा, बागपत आदि अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
Published on:
15 Sept 2018 08:54 pm
