
Mutual Fund: म्यूचुअल फण्ड में निवेश के प्रति सुस्ती, युवाओं में भी जागरूक का आभाव
Mutual Fund: म्यूचुअल फंड निवेश, संपत्ति निर्माण और नियमित बचत का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया एएमएफआई के अनुसार, म्यूचुअल फंड के बारे में बढ़ती जागरूकता के बावजूद, यह अनुमान लगाया गया है कि 2.6 प्रतिशत लोग ही म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। इसके अलावा, जब जीडीपी अनुपात में म्यूचुअल फंड एयूएम के अनुपात को देखा जाता है, तो म्यूचुअल फंड की पहुंच अन्य देशों की प्रवेश दर की तुलना में काफी कम है। अमेरिका, फ्रांस और यूके में क्रमशः 140 प्रतिशत, 80 प्रतिशत और 67 प्रतिशत ;एएमएफआई और विश्व बैंक, 2021द्ध की तुलना में भारत की हिस्सेदारी महज 17 प्रतिशत है।
एनजे वेल्थ के एमडी का कहना है कि भारत में म्यूचुअल फंड वितरकों की संख्या चिंता का विषय है। वर्तमान में, केवल 1.31 लाख वितरक हैं। जिसका अर्थ है कि प्रत्येक 10,000 व्यक्तियों के लिए एक से भी कम वितरक (एएमएफआईए 2023)। एनजे वेल्थ सबसे बड़े म्यूचुअल फंड वितरकों में से एक हैं। एनजे वेल्थ के 32,500 से अधिक सक्रिय वितरक हैं जो वित्तीय जागरूकता फैलाने और युवाओं को म्यूचुअल फंड तक पहुंच प्रदान करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
वित्तीय साक्षरता और नए जमाने के वित्तीय उत्पादों तक पहुंच के मामले में भूगोल, विविधता और असमानता भारत में एक बड़ी चुनौती है। हालाँकि, यह महत्वाकांक्षी उद्यमियों और देश के युवाओं के लिए म्यूचुअल फंड वितरक बनने और संभावित निवेशकों के लिए वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने का भी एक अवसर है।
भारत अपनी अर्थव्यवस्था और बाजारों को बदलने में एक बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है। अमृत काल का दृष्टिकोण इस बात पर लागू होगा कि लोग कैसे बचत करेंगे और निवेश करेंगे। हाल के वर्षों में उद्योग की उत्साहजनक वृद्धि तो बस शुरुआत है। आज जरूरत इस बात की है कि अधिक से अधिक युवा आने वाले दशकों में होने वाले परिवर्तन में अवसर देखें और म्यूचुअल फंड वितरण को एक कैरियर अवसर के रूप में अपनाएं।
Published on:
04 Jul 2023 03:06 pm
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