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Meerut Nikay Chunav: साइकिल छोड़ मुस्लिमों ने उड़ाई पतंग, भाजपाई खुश-सपा के लिए खतरे की घंटी

Meerut Nikay Chunav: निगम चुनाव में इस बार मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम मतदाताओं की पसंद बनी। जबकि अखिलेश यादव की साइकिल फिसलती नजर आई।

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मेरठ

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Kamta Tripathi

May 12, 2023

Meerut Nikay Chunav: साइकिल छोड़ मुस्लिमों ने खूब उड़ाई पतंग, भाजपाई खुशी-सपा के लिए खतरे की घंटी

साइकिल छोड़ मुस्लिमों ने खूब उड़ाई पतंग

Meerut Nikay Chunav: मेरठ नगर निकाय चुनाव में इस बार ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को मुस्लिम मतदाताओं ने वोट किया। मेरठ के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मुस्लिम वोटरों ने खूब पतंग उड़ाई। जबकि साइकिल कई मतदान केंद्रों पर फिसलती नजर आई।

मेरठ निगम चुनाव में सपा के लिए मेरठ में बदले समीकरण खतरे की घंटी है। मुस्लिम मतदाताओं में ओवैसी की पतंग अब पैठ बनाने लगी है। आने वाले लोकसभा चुनाव में अगर यही हालात रहे तो मुस्लिम मतदाता सपा को पसीना ला सकते हैं।

मुस्लिम इलाकों में रेगती दिखाई दी सपा
मेरठ नगर निगम चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं ने अपनी अहमियत दिखाने के लिए सपा महापौर प्रत्याशी पद पर साइकिल छोड़ पतंग उड़ाई।

अधिकांश मुस्लिम इलाकों में सपा की साइकिल रेंगती दिखाई दी। कुछ मुस्लिम वार्डों में जहां सपा पार्षद प्रत्याशी मजबूत था वहीं पर कुछ रूझान सपा के पक्ष में रहा।

मेरठ में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या चार लाख से अधिक
मेरठ नगर निकाय में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या साढ़े चार लाख के लगभग है। मुस्लिम इस तरह साइकिल का साथ छोड़ देंगे, ये सपा नेताओं के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं है।

निकाय चुनाव में मुस्लिमों की साइकिल से दूरी आगामी लोकसभा चुनाव पर भी असर डालेगी। नगर निगम क्षेत्र के मुस्लिम बहुल इलाकों लिसाड़ी रोड, रशीदनगर, समर गार्डन, लक्खीपुरा, ढ़वाई नगर, चमड़ा पैठ, कोतवाली, जाकिर कॉलोनी, हापुड़ रोड, हापुड़ अड्डा, गुदड़ी बाजार, घंटाघर, श्यामनगर, शाहपीर गेट और शास्त्रीनगर के मुस्लिम मतदाता सपा की बजाय एआईएमआईएम पार्टी की तरफ लामबंद होते दिखाई दिए।

यही स्थिति दूसरे मुस्लिम इलाकों जलीकोठी, खैरनगर, मकबरा अब्बू, पूर्वा महावीर बागपत गेट, केसरगंज, मछेरान, इम्लियान, शाहपीर गेट, बुनकर नगर, करीमनगर, शाहनत्थन, इस्लामाबाद कके अलाववा कोटला और ईदगाह आदि क्षेत्रों में मतदान स्थलों पर एआईएमआईएम महापौर प्रत्याशी अनस के पक्ष में मुस्लिम खड़े दिखाई दिए।

हालांकि सभी महापौर और पार्षद प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम मशीन में कैद है, लेकिन एआईएमआईएम और सपा अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।

सभी प्रत्याशियों की नजर मुस्लिम मतदाताओं पर
दावा कर रहे हैं कि मुस्लिम मतदाता उन्हें बड़ी संख्या में मिले हैं। सभी पार्टियों और प्रत्याशियों की नजर मुस्लिम मतदाताओं पर थी, क्योंकि मुस्लिम मतों के सहारे ही सपा, बसपा या एआईएमआईएम की नैया पार लग सकती है। उनके बंटवारे से भाजपा को ही सीधे लाभ मिलना है।

जिस तरह से मुस्लिम मतदान करते नजर आ रहा था, उससे सुबह से ही तस्वीर साफ होने लगी थी कि मुस्लिम मतदाता एआईएमआईएम के पक्ष में लामबंद है।

हालांकि कुछ मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में मुस्लिमों का सपा की तरफ भी रुझान नजर आया। इसके अलावा कुछ वार्डों में जहां भाजपा ने मुस्लिम प्रत्याशी लड़ाए हुए थे, वहां मुस्लिमों का कुछ वोट भाजपा को भी गया।

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सपा की तरफ मुस्लिमों के कम रुझान के यह छह कारण
- मुस्लिमों के कद्दावर नेताओं शाहिद मंजूर, रफीक अंसारी, गुलाम मोहम्मद की परचार से दूरी
- सपा मुखिया का मुस्लिमों के लिए प्रमुखता से बात नहीं रखना
- एआईएमआईएम प्रमुख के प्रति मुस्लिमों का बढ़ता रुझान
- पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आधा रोड शो करना
- हार-जीत के लिए नहीं, अपनी ताकत का एहसास कराना
- विधानसभा चुनाव के मुकाबले नगर निगम को कम अहमियत वाला मानना