
Religious : अबूझ एवं स्वयं सिद्ध मुहूर्तों का दिन फुलेरा दूज,खूब बजेगी शहनाई होंगे हर प्रकार के शुभ कार्य
Religious अबूझ एवं स्वंय सिद्ध मुहूर्तों में एक बड़ा मुहूर्त है फुलेरा-दूज। जिसमें प्रायः समस्त मंगल कार्य किये जा सकते हैं। फुलेरा दूज पर किसी भी कार्य करने के लिए तिथि, वार, नक्षत्र, योग, शुक्रास्त, गुरुअस्त आदि के विचार करने की आवश्यकता ही नहीं रह जाती है और न ही सूर्य, चंद्र, गुरू आदि के गोचर पर विचार करने की जरूरत होती है। फुलेरा-दूज फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की वह द्वितीया तिथि है
इस वर्ष प्रेम, ऐश्वर्य का प्रतीक शुक्र ग्रह के शुक्रवार को पड़ रही है। सभी शुभताओं को समेटे हुए है। इसलिए यह फुलहरा-दूज शुभ से शुभतम हो गयी है। अतः चाहे विवाह हो अथवा गृह प्रवेश, नींव पूजन या कोई नये वाहन का खरीदने या कोई भी शुभ, मंगल कार्य का किया जाना फुलेरा-दूज के दिन कोई मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता ही नहीं होती है। पूरा दिन प्रत्येक क्षण मुहूर्त ही मुहूर्त हैं। वैसे एक मुहूर्त 48 मिनट का होता है और दोपहर 12 बजे के आस पास का समय, मुहूर्त का प्राण है।
बसंत और फाल्गुन प्रकृतिक रंग, बिरंगे फूलों की बहार बिखरते है हमारे लिए और हम फुलेरा-दूज पर फूलों की वर्षा से स्वागत व अभिनन्दन करते हैं उस परमात्मा कृष्ण का जिनकी अपरा शक्ति ही प्रकृति है और परा शक्ति हम जीव। तो सजायें सबसे पहले अपने हृदय को प्रेम और आनन्द से तथा अपने को प्रेम आनन्द से भर कर होली से पूर्व सजायें भगवान कृष्ण के विग्रह को रंग, बिरंगे फूलों से ताकि हमारा जीवन हो सके फूलों की तरह सुवासित और हो सके हमारा जीवन परमात्मा की शरण में पूर्ण सार्थक।
Published on:
04 Mar 2022 09:26 am
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