
दरोगा को थप्पड़ मारकर गिराने के बाद गिरफ्तार हुए भाजपा पार्षद को छुड़ाने पहुंचे योगी के सिपाहियों का ये हाल किया खाकी ने
मेरठ। भाजपा पार्षद और रेस्टोरेंट मालिक मनीष चौधरी को दरोगा से मारपीट करना पड़ा महंगा पड़ गया है। एसएसपी अखिलेश कुमार की सख्ती देख भाजपाई बैकफुट पर आ गए हैं। मेरठ पुलिस ने भाजपा पार्षद मनीष पर कार्रवाई कर करारा जवाब देते हुए अन्य भाजपाइयों को भी यह संदेश दिया है कि कानून हाथ मे लेने का किसी को अधिकार नहीं है। आरोपी मनीष को कोर्ट में पेश करने के बाद आज दिन में जेल भेज दिया गया। मनीष चौधरी के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पहला मुकदमा महिला अधिवक्ता की तरफ से गंभीर धाराओं में दर्ज कराया गया है, जबकि दूसरा मुकदमा दरोगा की तरफ से कंकरखेड़ा थाने में हुआ करवाया गया है।
रेस्टोरेंट और जिम की होगी जांच
एसपी सतपाल आंतिल का ने बताया कि आरोपी मनीष चौधरी का रेस्टोरेंट और जिम की भी जांच होगी। जिम और रेस्टोरेंट मानकों के विपरीत मिलने पर दोनों प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी। रेस्टोरेंट चलाने में क्या-क्या अनियमितता थी, इस प्रकरण जांच बैठा दी गई है। रेस्टोंरेट के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी कार्य में बाधा डालने की जांच
आरोपी मनीष चौधरी को थाने से पेशी पर ले जाते समय भाजपाइयों की भीड़ पुलिस की जीप के सामने आ गई थी और सरकारी जीप को रोकने का प्रयास किया था। पुलिस अधिकारियों ने इस पर भी बड़ा एक्शन लिया है। थाने में लगे सीसीटीवी की फुटेज के आधार पर पुलिस उन लोगों पर भी मुकदमा दायर करेगी, जो लोग जीप रोकने में शामिल थे। इन लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। थाना पुलिस ने वीडियो फुटेज के जरिए बुलेरो रोकने वालों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है।
जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप्पी
पूरे प्रकरण पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने चुप्पी साध ली है। भाजपा के कैंट विधायक सत्यप्रकार अग्रवाल ने कहा कि उनको समाचार पत्र के माध्यम से प्रकरण की जानकारी हुई है। वे पूरे मामले की जानकारी निकलवा रहे हैं। प्रकरण पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से भाजपा कार्यकर्ताओं और पार्षदों में आक्रोश है।
Published on:
20 Oct 2018 09:16 pm
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