विक्की के नाम पर बनवाया था डीए,अनिल सैनी के नाम पर आधार कार्ड। युवतियों का धर्मांतरण कराने से पहले ही चढ गया पुलिस के हत्थे। मुरादाबाद की दो युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर कर ली थी शादी।
मेरठ। धर्मांतरण का खेल गुपचुप तरीके से चल रहा है। इसका खुलासा खुद मेरठ पुलिस ने किया। जब एक युवक को गिरफ्तर किया। युवक को नाम अब्दुल है और उसने विक्की और अनिल बनकर चार—चार युवतियों को अपने चंगुल में फंसाया और उनसे शादी कर ली। उसके मंसूबे इतने खतरनाक थे कि वह चारों युवतियों को शादी के बाद से धर्मांतरण करने के लिए दवाब डाल रहा था। युवतियों को मारपीटकर उनको डरा और धमका भी रहा था। समय पहले पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। एक महिला ने तो शातिर अब्दुल की सच्चाई का पता चलने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मुकदमे की पुलिस ने जब जांच की तो चौकाने वाला खुलासा हुआ।
अब्दुल ने विक्की के नाम से डीएल (ड्राइविंग लाइसेंस) और अनिल के नाम से अपना आधार कार्ड बनवाया हुआ था। सदर बाजार थाना क्षेत्र निवासी एक महिला पति से अलग रहती है। महिला के घर की बिजली सही करने के लिए अब्दुल गया था। तभी उसने महिला का मोबाइल नंबर ले लिया। शादी का झांसा देकर आरोपित महिला से उसके साथ घर में ही दुष्कर्म करता रहा। इस दौरान आरोपित की पहली पत्नी पिंकी उक्त महिला के घर पहुंच गई और उसने अनिल बने अब्दुल की पोल खोल दी। पिंकी की आरोपित से 12 साल की एक बेटी भी है। उ
सने बताया कि 15 साल पहले अब्दुल सलाम बुलंदशहर से मेरठ आया था और बिजली मिस्त्री का काम करने लगा। यहां पर उसने अपना नाम अनिल रख लिया। उसने पिंकी पर धर्मातरण का दबाव बनाया था। जिसको लेकर विवाद हो गया था। अब्दुल ने पिंकी के बाद मुरादाबाद जिले की रूही और मोनिका को भी प्रेमजाल में फंसाकर शादी की और उनके धर्मांतरण का प्रयास किया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा ने बताया कि आरोपित अब्दुल ने विक्की पुत्र भूरे लाल के नाम से ड्राइविंग लाइसेंस आरटीओ से जारी कराया है। जबकि आधार कार्ड अनिल के नाम से बनवा रखा है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने अब्दुल शातिर अपराधी है। उनकी पूरी जांच करने के लिए एक टीम बनाई गई है। उनके हिंदू नामों से कई आईडी अपने पास रखी हुई है।