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Air Pollution: बढ़ते प्रदूषण के कारण पेट्रोल और डीजल के इतने वर्ष पुराने वाहन होंगे सीज

Highlights कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम ने अफसरों के साथ बैठक की कई जनपदों के बड़े उद्योगों पर निगरानी रखेंगी टीमें वायू प्रदूषण के कारण लोगों का सांस लेना हुआ दूभर      

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मेरठ। वेस्ट यूपी में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण सांस लेना दूभर हो गया है। पहले वाहनों का प्रदूषण था, उसके बाद दिवाली से वायु प्रदूषण इतना बढ़ गया कि लोगों की परेशानी बढ़ गई। इस बार दिवाली पर सीमित समय के बावजूद खूब पटाखे चलाए गए। इसका असर वायुमंडल पर पड़ा और वेस्ट यूपी और आसपास के क्षेत्रों में हवा खराब होती गई। इस पर कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम ने सख्त रुख अपनाया है।

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उन्होंने मंडल स्तरीय बैठक में अफसरों को निर्देश दिए हैं कि दिवाली पर जिन लोगों ने समय सीमा से ज्यादा पटाखे छुड़ाए, उन लोगों पर अफसरों ने क्या कार्रवाई की और जिन लोगों ने प्रतिबंधित पटाखे बेचे उन्हें क्या सजा दी। खास तौर पर मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और मुजफ्फरनगर के प्रशासनिक अफसरों से कमिश्नर ने कार्रवाई की आख्या मांगी है। साथ ही उन्होंने वायु प्रदूषण रोकने के लिए 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सीज किए जाने के निर्देश दिए।

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आयुक्त सभागार में हुई बैठक में मंडल स्तरीय बैठक में कमिश्नर अनिता सी. मेश्राम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को निर्देश दिए कि उद्योगों पर निगरानी के लिए टीम बनाकर दिन-रात निरीक्षण कराएं। उन्होंने संभागीय परिवाहन विभाग के अफसरों को 10 वर्ष पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सीज करने के भी निर्देश दिए।बैठक में जिलाधिकारी मेरठ अनिल ढींगरा, अपर आयुक्त उदयी राम, एमडीए उपाध्यक्ष राजेश पांडेय, जिला वन अधिकारी अदिति शर्मा, नगर आयुक्त मेरठ अरविंद चौरसिया, एडीएमई गौतम बुद्ध नगर दिवाकर सिंह समेत अनेक विभागों के अफसर मौजूद थे।