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24 घंटे में बिजली के 24 कट, इतनी बुरी स्थिति नहीं थी अखिलेश राज में

सर्दी में बेतहाश बिजली कटौती के साथ ही बढ़ा हुआ मिलेगा बिल, ग्रामीण क्षेत्रों में भी मासिक बिल 180 से बढ़ाकर 300 से 400 रुपये कर दिया गया है
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मेरठ

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sharad asthana

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Updated: 14 Dec 2017, 9:18 AM IST

power crisis

बिजली की किल्लत

मेरठ। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 22 घंटे आैर ग्रामीण क्षेत्र में 14 घंटे बिजली आपूर्ति देने का वादा करने वाली योगी आदित्यनाथ सरकार का अपना दावा पहली सर्दी में ही फेल हो रहा है। सप्ताहभर में जिस तरह से सर्दी बढ़ी है, उसी अनुपात में बिजली भी गुल हो रही है। बुधवार को तो हद ही हो गर्इ। सुबह पांच बजे से लेकर अगले दिन गुरुवार सुबह पांच बजे तक 24 घंटे में बिजली के 24 कट लगे। ये कट दस से बीस मिनट के थे, यानि छह घंटे से ज्यादा की कटौती हुर्इ। इससे पूरे दिन जल आपूर्ति प्रभावित हुर्इ आैर पूरे दिन लोग परेशान रहे। बिजली की आंख-मिचौली से परेशान लोगों को सर्दी में अब अखिलेश यादव के राज की बिजली की याद आ रही है, क्योंकि लोगों को भरपूर बिजली मिली थी। एसर्इ अर्बन संजय अग्रवाल का कहना है कि सर्दी में हीटर व गीजर के कारण बिजली की मांग बढ़ गर्इ है। बिजली का उत्पादन कम हो गया है। सभी को बिजली मिले, इसलिए कट लगाकर दूसरे क्षेत्रों में आपूर्ति दी जा रही है।

इन क्षेत्रों में ज्यादा दिक्कतें

शहर में कुछ इलाके एेसे हैं, जहां बिजली आपूर्ति की ज्यादा किल्लत है। इनमें माधवपुरम, रामलीला ग्राउंड, शारदा रोड, लिसाड़ी गेट, पुराना आरटीआे, हापुड़ रोड, लेडीज पार्क, कोतवाली, घंटाघर, नौचंदी, कंकरखेड़ा बिजलीघरों से जुड़े क्षेत्रों में बिजली कट से इलाके के लोगोें में ज्यादा परेशानी है। वीआर्इपी इलाकों के बिजलीघरों में इतने कट नहीं लग रहे, जितने इन बिजलीघरों में। यहां लोगों को पानी की किल्लत भी झेलनी पड़ रही है। एक सप्ताह से बिजली की यहां यही स्थिति बनी हुर्इ है।

लोगों पर दोहरी मार

बिजली की किल्लत झेल रहे लोगों को इस सर्दी में दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तो बेतहाशा बिजली कटौती हो रही है, दूसरे उनका बिजली का बिल भी इस बार बढ़ी दरों से मिलेगा। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पूरे प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ार्इ हैं। इनमें शहरी क्षेत्र में 100 यूनिटों के लिए तीन आैर इसके बाद 4.50 रुपये प्रति यूनिट, 500 यूनिट से ऊपर के लिए 6.30 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली का बिल बनेगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक बिल 180 से बढ़ाकर 300 से 400 रुपये कर दिया गया है।यह दोहरी मार झेल रहे लोगों को पिछली अखिलेश यादव के राज की याद आ रही है, क्योंकि बिजली आपूर्ति बेहतर रही थी।