11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

English liquor price increased in Meerut : अंग्रेजी शराब के बढ गए दाम, शौकीनों को सरकार ने दिया झटका

English liquor prices increased in Meerut महंगाई के दौर में शराब भी इससे अछूती नहीं रही। अंग्रेजी शराब पीने वालों को सरकार ने जोर का झटका दिया है। अंग्रेजी शराब पीने के शौकीनों को अब और अधिक जेब ढ़ीली करनी होगी। यानी अंग्रेजी शराब के दाम और बढ़ गए हैं। सरकार की तरफ से अंग्रेजी शराब पर विशेष अतिरिक्त शुल्क लगाए गया है। जिसके बाद अब अंग्रेजी शराब की कीमत में 10 से 40 रुपये तक बढ़ गए। जिला मेरठ आबकारी अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि इन कीमतों का असर 60 और 90 एमएल की बोतलों पर ही पड़ेगा।

less than 1 minute read
Google source verification

मेरठ

image

Kamta Tripathi

Jun 16, 2022

अंग्रेजी शराब के बढ गए दाम, शौकीनों को सरकार ने दिया झटका

अंग्रेजी शराब के बढ गए दाम, शौकीनों को सरकार ने दिया झटका

English liquor prices increased in Meerut सरकार की ओर से बढ़ाए गए अंग्रेजी शराब के दाम का असर सिर्फ 60 और 90 एमएल की बोतलों पर पड़ेगा। जबकि अंग्रेजी शराब की शेष बोतलों की कीमतें पूर्व की तरह ही बनी रहेगी। वहीं, देशी शराब की आपूर्ति तेज करने के लिए बोतलों पर सील कैप लगाने की अनिवार्यता पर छह माह की छूट दी गई है। बता दें कि सरकार ने आबकारी नीति 2022—23 में अब कुछ बदलाव किए हैं।

जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि इस बदलाव के अनुसार राजस्व में वृद्धि के लिए अंग्रेजी शराब की कुछ बोतलों पर विशेष शुल्क लगाया गया है। ये विशेष शुल्क 60 एमएल और 90 एमएल की बोतलों पर लगाया गया है। जिसके बाद 60 व 90 एमएल बोतलों की अंग्रेजी शराब के दाम बढ़े हैं। आबकारी नीति में देशी शराब की बोतलों पर लगाए जाने वाले कैप्स पर सील लगाना अनिवार्य किया था। सील कैप लगाए को लेकर डिस्टलरियों को अलग से मशीन खरीदनी होगा। इसमें काफी समय लग रहा है। इसी को देखते हुए अब देशी शराब की बोतलों में कैप लगाने की अनिवार्यता में अब छह महीने की छूट दी गई है।

यह भी पढ़े : सावधान ! साइबर जालसाज ऐसे करते हैं वाट्सएप हैक, सैकेंड में खाता करते हैं खाली

जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि आबकारी नीति में बीयर से तीन माह में मिलने वाला राजस्व भी तय किया गया है। बीयर की खपत अब मौसम के अनुसार अलग-अलग हो रही है। ऐसे में नए सिरे से अब हर तीन महीने का राजस्व अलग से तय किया है। इस नए नियम के अनुसार वार्षिक राजस्व का 35 फीसदी पहले तिमाही, दूसरे तिमाही में 25 फीसरी और तीसरी व चौथी तिमाही में 20-20 फीसद रखा है।