
मेरठ. किसान आंदोलन का असर अब रोजमर्रा की चीजों पर पड़ने लगा है। किसान आंदोलन के चलते दिल्ली की सीमा बंद हुई तो सर्दी में मेवे का कारोबार गर्म हो गया है। बता दें कि ठंड में मेवे का बाजार नई फसल आने के बाद ठंडा हो जाता था, लेकिन इस वर्ष जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है वैसे-वैसे मेवे का बाजार गर्म होता जा रहा है। व्यापारियों का मानना है कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण किसान आंदोलन है। किसानों के आंदोलन के कारण दिल्ली की सीमा बंद है, जिस कारण मेवे की आवक दिल्ली में फंसी हुई है। ऐसे में मंडी में पुराना स्टाक ही बेचा जा रहा है। कम स्टाक और ठंड के चलते मांग अधिक होने के कारण मेवे के भावों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
व्यापारियों का कहना है कि कुछ मेवों की नई फसल बाजार में जरूर आई है, लेकिन किसान आंदोलन के कारण कई किलोमीटर घूमकर बनारस पहुंचने वाले ट्रांसपोर्टर ज्यादा किराया ले रहे हैं। इस कारण जो मेवा एक से लेकर दो सौ रूपये तक सस्ता होना चाहिए था, वह दो सौ रुपये तक महंगा हो गया है।
सदर मंडी में बदाम और अन्य मेवे के थोक व्यापारी नितिन कुमार का कहना है कि किसान आंदोलन के कारण बाहर से अभी भरपूर मात्रा में मेवे की आवक नहीं हो रही है। ट्रासपोर्ट के बंद होने के कारण माल दिल्ली में फंसा हुआ हैं। कुछ लोग कई किलोमीटर लंबा सफर करके दिल्ली के बार्डर पर पहुंच गए हैं, लेकिन दिल्ली के भीतर उनकी एंट्री नहीं हो रही है। इस कारण नई फसल आने के बाद भी भाव नहीं उतर पाया है। जैसे ही किसानों का आंदोलन समाप्त होगा वैसे ही नई फसल की खेप बाहर से आनी शुरु हो जाएगी। तब मेवे के भाव उतरने शुरु हो जाएंगे।
एक नजर में मेवे के भाव
बादाम 550-600
मखाना 580-600
काजू 600-800
अंजीर 500-700
अखरोट 1000-1100
किशमिश 200-300
छुहारा 170-250
चिरौंजी 900-1000
Published on:
21 Dec 2020 11:45 am

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