
बड़ी बिजली चोरी पकड़ने के लिए विभाग ने बनाया यह गोपनीय प्लान, मच रही है अफरातफरी
मेरठ। पीवीवीएनएल के प्रबन्ध निदेशक के निर्देशन में विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने के लिए डिस्काम (मुख्यालय) पर एण्टी थेफ्ट सेल का गठन किया गया। सैल द्वारा उप्र पावर कारपोरेशन (मुख्यालय) से भेजे गए मामले तथा डिस्काम स्तर पर प्रकाश में आए बड़े मामलों पर पूरी तैयारी एवं गोपनीय रूप से रेड सम्बन्धी कार्रवार्इ की जाएगी। अभियान में मेरठ क्षेत्र के अंर्तगत 21 विद्युत उपभोक्ता के यहां चोरी पार्इ गई। जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गर्इ।
इन जिलों में चल रहा अभियान
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के जनपद मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलन्दशहर, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद, सम्भल, अमरोहा, रामपुर, बिजनौर में विद्युत चोरी पर प्रभावी नियन्त्रण के लिए प्रबंध निदेशक आशुतोष निरंजन द्वारा दिये दिशा-निर्देशानुसार मॉस रेड अभियान चलाया जा रहा है।
अधीक्षण अभियंताओं को सौंपी गई ये जिम्मेदारी
बिजली चोरी रोकने के लिए डिस्काम के समस्त अधीक्षण अभियन्ता (वितरण) को हर हफ्ते दो बार मास रेड कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस सम्बन्ध में निर्देशित किया गया है कि शासन की मंशा के अनुसार कार्य नहीं करने पर सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी।
एंटी थेफ्ट सेल का किया गठन
पीवीवीएनएल के एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने के लिए डिस्काम (मुख्यालय) पर एण्टी थेफ्ट सेल का गठन किया गया है। सेल में मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता एवं अधिशासी अभियन्ता की तैनाती की गयी है। एण्टी थेफ्ट सेल उप्र पावर कारपोरेशन (मुख्यालय) से भेजे गए मामले तथा डिस्काम स्तर पर प्रकाश में आए बड़े मामलों पर पूरी तैयारी एवं गोपनीयता के साथ टीमों का गठन कर रेड सम्बन्धी कार्रवार्इ सम्पन्न की जाएगी।
गुप्त रखी जाएगी सभी सूचनाएं
उन्होंने कहा कि जो भी गुप्त जानकारी देगा उसकी सूचनाएं और उसका नाम-पता गुप्त रखा जाएगा। इसकी जानकारी किसी को भी नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान से काफी हद तक बिजली चोरी पर अंकुश लगा है।
Published on:
30 Aug 2018, 11:54 AM IST
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