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तीन तलाक: मोदी सरकार के अध्यादेश पर मेरठ के शहर काजी का बड़ा बयान, कही ये बात, देखें वीडियो

तीन तलाक बिल लोकसभा में पारित होने के बाद दो सत्र से राज्यसभा में पास नहीं हो पाया था।
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मेरठ

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Rahul Chauhan

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Updated: 19 Sep 2018, 2:16 PM IST

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तीन तलाक: मोदी सरकार के अध्यादेश पर काजी का बड़ा बयान, कही ये बात

मेरठ। एक साथ तीन बार तलाक बोलकर रिश्ता खत्म करना अब कानूनन अपराध होगा। मोदी कैबिनेट ने तीन तलाक पर लाए गए अध्यादेश को बुधवार को मंजूरी देदी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद छह महीने तक यह अध्यादेश प्रभावी रहेगा। उसके बाद सरकार को या तो इसे बिल के तौर पर संसद से पास कराना होगा या दोबारा अध्यादेश लाना होगा। इसको लेकर मुस्लिम संगठनों की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आई है। मेरठ के शहर काजी जैनुल राशुद्दीन का कहना है कि तीन तलाक पर कोर्ट का कोई भी फैसला शरीयत के खिलाफ है। तीन तलाक मामले में हमारे यहां शरीयत ही सर्वोपरि है। इसलिए तीन तलाक पर अध्यादेश आने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

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तीन तलाक अध्यादेश पर राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की सह संयोजिका शाहीन परवेज की प्रतिक्रिया-देखें वीडियो

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वहीं राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की सहसंयोजिका शाहीन परवेज ने कहा कि मैं इस फैसले का स्वागत करती हूं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो वायदा किया था उसे पूरा किया। वे मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए वचनबद्ध हैं। साथ ही शाहीन परवेज ने काह कि 'मैं शुक्रगुजार हूं राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के अपने मार्गदर्श गुरू इंद्रेश जी की कि उन्होंने हम मुस्लिम महिलाओं को इसके लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा उन्होंने बिल में गिरफ्तारी के नियम के बारे में कहा कि जेल जाने के डर से व्यक्ति तीन तलाक देने से डरेगा।

आपको बता दे कि केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले को मोदी सरकार का एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अध्यादेश कानून बन जाएगा। बता दें कि तीन तलाक बिल लोकसभा में पारित होने के बाद दो सत्र से राज्यसभा में पास नहीं हो पाया था। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के विरोध के बाद संशोधित बिल को केंद्र सरकार ने संसद के पिछले सत्र में संसद में बिल पेश किया था, लेकिन इस बिल को विपक्षी दलों ने राज्‍यसभा से पास नहीं होने दिया था। आपको बता दें कि नए बिल में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) के मामले को गैर जमानती अपराध माना गया है। साथ ही संशोधन के हिसाब से अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा।

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