14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हार नहीं पचा पा रहे नेता, जया प्रदा के बाद याकूब कुरैशी और राघव लखनपाल शर्मा ने चुनाव निरस्त की मांग की

बसपा नेता याकूब कुरैशी ने चुनाव निरस्त करने की मांग की हाई कोर्ट में दायर की याचिका, धांधली का लगाया आरोप बीजेपी नेता राघव लखनपाल ने भी हाजी फजलुर्रहमान के निर्वाचन को दी चुनौती

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Ashutosh Pathak

Jul 07, 2019

meerut

हार नहीं पचा पा रहे नेता, जया प्रदा के बाद याकूब कुरैशी और राघव लखनपालपाल शर्मा ने चुनाव निरस्त की मांग की

मेरठ। लोकसभा चुनाव खत्म हुए काफी समय हो गया,लेकिन कई नेता ऐसे हैं जो अपनी हार नहीं पचा पा रहे हैं। ऐसे में बीजेपी के भी कई नेता शामिल हैं। जहां रामपुर से जया प्रदा ( jaya prada ) सपा सांसद आजम खान के खिलाफ याचिका दायर कर चुकी हैं, वहीं अब सहारनपुर के पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ( Raghav Lakhanpal Sharma ) भी सहारनपुर के सांसद हाजी फजलुर्रहमान के निर्वाचन को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। राघव लखनपाल शर्मा ने याचिका में बसपा प्रमुख मायावती के चुनावी सभा के दौरान दिए गए भाषण को आधार बनाया है। सिर्फ बीजेपी नेता राघव लखनपाल ही नहीं बल्कि मेरठ हापुड़ सीट से सांसद राजेंद्र अग्रवाल के खिलाफ भी बसपा प्रत्याशी रहे हाजी याकूब कुरैशी ( yakub qureshi ) ने चुनाव ही निरस्त करने की मांग की है।

दरअसल पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने याचिका दायर की है कि जिसमें शिकायत की है कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती द्वारा 7 अप्रैल 2019 को देवबंद की चुनावी की, जिसमें बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने घृणा फैलाने वाली भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि बीएसपी ( BSP ) सुप्रीमो मायावती ने जानबूझकर चुनाव में जातिगत आधार पर वोट करने की अपील की। जिससे चुनाव में ध्रुवीकरण हो गया। याचिका में आरोप है कि यदि कानून व संविधान का उल्लंघन करने वाले जातिगत आधार पर वोट करने की यह अपील न की गई होती, तो मुस्लिम वोटों का बीएसपी के उम्मीदवार के पक्ष में ध्रुवीकरण नहीं होता और याची राघव लखनपाल शर्मा को जीत हासिल होती।

इस दौरान उन्होंने राघव लखनपाल ने सहारनपुर से निर्वाचित सांसद की संसद से सदस्यता निरस्त करने और याची को सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र का विधिवत सांसद घोषित करने की मांग की है। आपको बता दें कि तब मायावती के दिए गए बयान पर चुनाव आयोग ने चुनाव ने अभद्र भाषा के तहत संज्ञान लिया था और कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके साथ ही आयोग ने मायावती पर 48 घंटे के लिए किसी भी सार्वजनिक बैठक, सार्वजनिक जुलूस, सार्वजनिक रैलियों, रोड शो और साक्षात्कार आदि पर रोक लगा दी थी।

वहीं मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट ( Meerut Hapur Loksabha Seat ) को लेकर बसपा नेता ने याकूब कुरैशी ने चुनाव निरस्त करने की मांग की है। अपनी शिकायत में उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी कर बीजेपी प्रयाशी ( bjp candidate ) को जिताने का आरोप लगाया। कोर्ट में याचिका दायर कर उन्होंने कहा कि चुनाव में जितना वोट पड़ा उससे ज्यादा की गिनती करके उन्हें विजयी घोषित किया गया। इसके अवाला याकूब कुरैशी ने सीएम योगी के सिसौल में दिए गए भाषण में अली और बजरंगबली वाले बयान को भी आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में आचार संहिता होने का बावजूद धर्म के नाम पर वोट मांगे गए। वहीं उन्होंने चुनाव में साड़ी, शराब और पैसे बांटने के भी आरोप लगाए।

हालाकि याकूब कुरैशी के आरोप को बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल ( rajendra agrawal ) ने खारिज कर दिया है और कहा कि उनके आरोप उनकी हार की हताशा को दिखाते हैं। मैने किसी भी चुनाव में धनबल का प्रयोग नहीं किया और सीएम दिए गए बयान पर कहा कि चुनाव आयोग पहले ही इस पर कार्रवाई कर चुका है।