राहुल गांधी की इफ्तार पार्टी में खूब हुर्इ मिशन 2019 पर बातें, भाजपा के खिलाफ एक मंच पर आए दल अब करेंगे ये काम

राहुल गांधी की इफ्तार पार्टी में खूब हुर्इ मिशन 2019 पर बातें, भाजपा के खिलाफ एक मंच पर आए दल अब करेंगे ये काम

Sanjay Kumar Sharma | Publish: Jun, 14 2018 02:14:26 PM (IST) | Updated: Jun, 14 2018 06:14:54 PM (IST) Meerut, Uttar Pradesh, India

प्रदेश के पूर्व सिंचार्इ मंत्री डा. मैराजुद्दीन रालोद के प्रतिनिधि के तौर पर इफ्तार पार्टी में शामिल हुए

 

केपी त्रिपाठी, मेरठ। इन दिनों रोजा इफ्तार पार्टियों के आयोजन का सीजन चल रहा है। इसके बहाने राजनीतिक हित भी साधे जा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपने-अपने तरीके से रोजा इफ्तार पार्टियों का आयोजन देश और प्रदेश की राजधानी में किया। इस मायने में कांग्रेस के राहुल गांधी की रोजा इफ्तार पार्टी भाजपा की रोजा इफ्तार पार्टी से कुछ अलग ही किस्म की रही। जिसमें विभिन्न दलों के लोगों को आयोजन में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया था। दिल्ली के होटल अशोका में आयोजित इस पार्टी में भाजपा को छोड़ सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के नेताओं को बुलाया गया था। जिनमें से अधिकांश न्योते पर आए। रालोद के प्रतिनिधि के तौर पर मेरठ से पूर्व सिंचाई मंत्री और पूर्व चेयरमैन यूपी एक्सपोर्ट कार्पोरेशन के डा. मैराजुद्दीन राहुल की रोजा इफ्तार पार्टी में मौजूद रहे।

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राजनीतिक मुद्दों को लेकर खूब हुर्इ चर्चा

डा. मैराजुद्दीन ने 'पत्रिका' को बताया कि यह पार्टी पूरी तरह से राजनैतिक मुद्दों की बातों और चर्चाओं से अलग रही, लेकिन जहां पर दलों के नेता एकत्र हों और वहां पर राजनीति की बातें न हो ऐसा हो नहीं सकता। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान राहुल ने उन्हें कैराना जीत की बधाई के साथ ही आने वाले 2019 लोक सभा चुनाव के लिए तैयार रहने के लिए कहा। डा. मैराजुद्दीन ने बताया कि राहुल की पार्टी में बसपा नेताओं का आना इस बात का संकेत है कि बसपा, कांग्रेस को गठबंधन में शामिल होने से कोई परहेज नहीं करेगी। रोजा इफ्तार पार्टी में इस बात पर जोरशोर से चर्चाएं हुई कि अब जाट वोट बैंक रालोद के खाते में वापस आ चुका है। जाटों की घर वापसी को रालोद की बड़ी उपब्धियों के रूप में देखा जा रहा है।

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राहुल गांधी को दी यह सलाह

डा. मैराजुद्दीन ने राहुल से हुई बातचीत के बाद सुझाव दिया कि भाजपा के खिलाफ गठबंधन में सभी को अपने मतभेद और अपनी ईगो को एकतरफ कर चुनाव में एकसाथ जुट जाना चाहिए। राहुल ने उनके इस सुझाव पर सहमति भी जताई। मैराजुद्दीन ने कहा कि गठबंधन की मजबूती के लिए जल्द ही एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एक मंच पर गठबंधन के बड़े नेता देश और प्रदेश की जनता के सामने भाजपा के कारनामों का चिट्ठा खोलेंगे।

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