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मुन्ना बजरंगी पर जेल में गोलियां बरसाने वाले कुख्यात सुनील राठी के इशारे पर हुआ रोहिणी गोलीकांड

पुलिस के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो गोलीकांड के तार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी से जुड़ रहे हैं।

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मेरठ

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Nitish Pandey

Sep 28, 2021

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मेरठ. मुन्ना बजरंगी पर बागपत जेल परिसर के भीतर गोलियां बरसाने वाले कुख्यात सुनील राठी के इशारे पर राजधानी दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में गोलीकांड हुआ। इस गोलीकांड के बाद से गैंगस्टर सुनील राठी और बेखौफ हो गया है। जेल के अंदर या जेल के बाहर किसी का भी कत्ल करवाना उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। सुनील राठी इस समय दिल्ली की मंडोली जेल में बंद है।

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पश्चिमी यूपी के तमाम बदमाश आज भी उससे जेल में मिलने जाते हैं। बीते शुक्रवार को राजधानी दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में हुए गोलीकांड की साजिश अब धीरे-धीरे खुल रही है। कोर्ट के भीतर जज और तमाम सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी तीन-तीन लाशें बिछ जाने के पीछे गैंगवार ही इसका मुख्य कारण रहा। सूत्रों की माने तो भरी कोर्ट में गोलियां चलवाकर एक साथ तीन-तीन लाशें गिराने का तानाबाना सुनील राठी द्वारा ही बुना गया।

पुलिस के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो गोलीकांड के तार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी से जुड़ रहे हैं। शार्प-शूटर सुनील राठी को इस तरह के गोलीकांडों के ‘ब्लूप्रिंट’ बनाने में महारत हासिल है। सुनील राठी ने बागपत जिला जेल के अंदर कुछ साल पहले यूपी के कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था।

पुलिस के अनुसार मुन्ना बजरंगी का जेल के भीतर गोलियों से भून डालने का ब्लू-प्रिंट इसी सुनील राठी के दिमाग की उपज बताई जाती है। तीनों बदमाशों की लाशें राहुल उर्फ नितिन उर्फ फफूंद (बागपत जिले का मूल निवासी रोहिणी शूटआउट का हमलावर), जितेंद्र मान उर्फ गोगी (जिसे ढेर करने दोनों बदमाश कोर्ट में पहुंचे थे) व तीसरे हमलावर को ठिकाने लगाने तक, ऑपरेशन की बागडोर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और दिल्ली पुलिस की तीसरी वाहनी (थर्ड बटालियन के जवान, जिनकी सुरक्षा-निगरानी में दिल्ली की सभी जेलों से कैदियों को पेशी के लिए अदालतों में लाया-ले जाया जाता है) के पास थी।

जांच में जुटी दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की टीम के एक उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक,” अब तक कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं। कोर्ट के भीतर इस कत्लेआम को अंजाम देने की साजिश को अंतिम रुप दिल्ली की ही एक जेल के अंदर दिया गया था। यह गोलीकांड गैंगवार का नतीजा था। जितेंद्र गोगी के धुर-विरोधी और कुख्यात गैंगस्टर सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया को अंदेशा था कि अगर उसने गोगी को नहीं निपटवाया, तो गोगी उसे जल्दी ही जेल से आते जाते मरवा डालेगा।

बताया जाता है कि गैंगस्टर जितेंद्र गोगी के एक हमलावर राहुल फफूंद उर्फ नितिन को इस काम के लिए सुनील राठी ने तैयार किया था। बागपत से मूल निवासी और कांट्रैक्ट किलिंग के दौरान अचूक निशानेबाज राहुल फफूंद को सुनील राठी ने ही टिल्लू ताजपुरिया तक पहुंचाया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार “मुन्ना बजरंगी का बागपत जेल में कत्ल करने के बाद से गैंगस्टर सुनील राठी और ज्यादा बेखौफ हो गया है। अब जेल के अंदर या जेल के बाहर किसी का भी कत्ल करा डालना उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं है।

BY: KP Tripathi

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