
सफाई कर्मचारी बोले- अब संविदा पर नहीं होगा काम, इतने पैसे में नहीं होता गुजारा, देखें वीडियाे
मेरठ। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना मेरठ में थे। उनके सर्किट हाउस पहुंचने से पहले ही नगर निगम में कार्यरत संविदा सफाई कर्मी भी सर्किट हाउस के सामने भारी संख्या में एकत्र हो गए। संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की मांग थी कि उनको नियमित किया जाए और उनका वेतन सात हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाए। सफाई कर्मचारियों का कहना था कि वे नगर विकास मंत्री से मिलकर अपनी बात रखेंगे और उनसे मांग करेंगे कि उनको नियमित किया जाए। बता दें कि सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग काफी समय से हो रही है। इसको लेकर सफाई कर्मचारी हड़ताल भी कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी उनको नियमित नहीं किया जा सका। हर बार आश्वासन देने के बाद इस बार सफाई कर्मचारी आंदोलन के मूड में दिखाई दे रहे थे।
सफार्इ कर्मचारियों ने दो साल से मोर्चा खोला
नगर निगम भले ही स्वच्छ भारत मिशन को लेकर काम कर रहा है, लेकिन नगर निगम में काम करने वाले सफाई कर्मचारी अपने नियमितीकरण की बराबर मांग करते रहे हैं। आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम करने वाले 2215 सफाई कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग और नियमितीकरण को लेकर करीब दो साल से मोर्चा खोला हुआ है। उनकी मानें तो सरकार ने पहले संविदा पर उन्हें रखा था, बाद में उन्हें बाहर करते हुए आउटसोर्सिंग के माध्यम से शहर की सफाई कराना शुरू कर दिया, लेकिन कंपनी उन्हें 7000 के आसपास वेतन देती है। इससे उनका घर नहीं चल पा रहा है। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने सभी कर्मचारियों की नियमित भर्ती की मांग की है। पिछले दिनों हड़ताल पर गए कर्मचारियों की मांग पूरी करने को लेकर नगर निगम और प्रशासन ने हरी झंडी नहीं दी थी। जिस कारण वे कई दिनों तक हड़ताल पर रहे थे। इस दौरान शहर में गंदगी का ढेर लग गया था। चारों ओर से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया था।
कर्मचारियों ने आत्मदाह की चेतावनी दी
कर्मचारियों ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे आत्मदाह तक करने से पीछे नहीं हटेंगे। नगर आयुक्त ने भरोसा दिलाया था कि जल्द ही आउटसोर्सिंग कंपनी का कॉन्ट्रेक्ट खत्म होने वाला है। ऐसे में री ट्रेडर की प्रक्रिया के माध्यम से दुबारा कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती की जाएगी और उसमें कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया जाएगा, लेकिन इसके बाद भी वेतन वृद्धि नहीं हो सकी। इसी मांग को लेकर वे आज मंत्री सुरेश खन्ना से मिलने सर्किट हाउस पहुंचे थे। मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है।
Published on:
21 Nov 2018 12:11 pm
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