
एग्जिट पाेल से सटाेरियों की बल्ले-बल्ले, कमा लिए करोड़ों, इस पर खेला बड़ा दांव
केपी त्रिपाठी, मेरठ। चुनावी नतीजे क्या रहेंगे, यह अभी किसी को नहीं पता, मगर एग्जिट पोल से उन लोगों की लाटरी निकल गई, जो सट्टा बाजार में सक्रिय थे। इस एग्जिट पोल के बाद सोमवार की सुबह शेयर मार्केट जितनी तेजी से चढ़ा उसने सबको हैरान कर दिया। इनकम टैक्स अधिवक्ता अरूण कुमार जैन ने बताया कि लोग मोदी सरकार के बनने के विश्वास में पैसा लगाते चले गए और कुछ मिनटों में ही मुकेश अंबानी की कंपनी ने 40 हजार करोड़ तो अडानी कंपनी ने 10 हजार करोड़ का मुनाफा कमा लिया। अरूण जैन ने बताया कि इस एग्जिट पोल के पीछे भी सट्टा बाजार के हजारों करोड़ रुपए का खेल काम कर रहा था। अगर नतीजे ऐसे नहीं आए तो यह पुष्ट हो जाएगा कि यह एग्जिट पोल कुछ चुनिंदा लोगों को लाखों करोड़ का फायदा पहुंचाने के लिए किए गए थे।
गलत साबित होते रहे हैं एग्जिट पोल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक पंडित जय नारायण शर्मा ने बताया कि कुछ महीने पहले ही मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी तमाम सर्वे फेल हो गए थे। इन सर्वे में भाजपा की सरकार बनने की संभावना अधिकांश एग्जिट पोल में दर्शाई गई थी, जबकि वहां सरकार कांग्रेस की बनी। इससे पहले बिहार में भी कुछ इसी तरह के नतीजे एग्जिट पोल दिखा रहे थे जो बाद में गलत साबित हुए।
एग्जिट पोल के एेसे रहे हैं आंकड़े
रालोद नेता और प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डा. मैराजुद्दीन ने बताया कि 1998 के चुनावों में कोई भी बड़ा एग्जिट पोल यूपीए को 150 से कम नहीं आंक रहा था, जबकि यूपीए को 118 सीट मिलीं। इसी चुनाव में अन्य पार्टियों को 150 से ऊपर आंका जा रहा था, जबकि उन्हें 119 सीटें मिलीं। एनडीए को औसत 230 आंका जा रहा था जबकि उसे 252 सीटें मिलीं। 2004 में भी एनडीए को औसत 270 सीटों का अनुमान था जबकि उसे 189 सीट मिलीं और यूपीए को 190 के औसत अनुपात के विपरीत 222 सीटें मिलीं। 2009 में भी यूपीए को औसत 190 सीटें दी जा रही थीं, जबकि उसे 262 सीटें मिलीं। उन्होंने कहा कि 2014 में भी एनडीए की प्रचंड लहर को एग्जिट पोल नहीं नाप सका और एनडीए 336 के रिकार्ड सीटों के साथ सरकार बनाने में सफल हो गया।
एग्जिट पोल के पीछे सट्टा बाजार
अधिवक्ता अरूण कुमार जैन बताते हैं कि ऐसी बाजीगरी से इस बात की आशंका को बल मिलता है कि इन एग्जिट पोल के पीछे भी सट्टा बाजार काम कर रहा है। सोमवार को इसका लाइव उदाहरण भी देखने को मिला जब एग्जिट पोल के बीच में ही एक बड़े चैनल ने यूपी के गठबंधन को 56 सीटें मिलने की घोषणा की और उसके कुछ मिनट बाद ही इसे घटाकर 45 कर दिया। मजे की बात यह है कि इंडिया टुडेे ग्रुप गठबंधन को यूपी में 10 से 16 सीट दे रहा हैं जबकि एबीपी 45, जाहिर है इसमें किसी के आंकड़े गलत हैं, मगर जब सारा खेल सट्टा बाजार खेल रहा हो तो ऐसी गलतियां होती हैं।
UP lok sabha election Result 2019 से जुड़ी ताज़ा तरीन ख़बरों, LIVE अपडेट तथा चुनाव कार्यक्रम के लिए Download करें patrika Hindi News App
Published on:
21 May 2019 12:26 pm
बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
