
सौरभ हत्याकांड | Photo Video Grab
Saurabh Murder Case Meerut: मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में गुरुवार को जिला जज अनुपम कुमार की अदालत में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य विवेचक एवं ब्रह्मपुरी थानेदार रमाकांत पचौरी के बयान पर बचाव पक्ष की अधिवक्ता ने जिरह की। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में कटा हुआ नीला प्लास्टिक ड्रम और ट्रॉली बैग पेश किया, जिसे हत्या के बाद शव छिपाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
विवेचक रमाकांत पचौरी ने अदालत को बताया कि सौरभ की हत्या के बाद उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और प्रेमी साहिल शुक्ला ने शव को ट्रॉली बैग में डालकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। हत्या के बाद शव के चार टुकड़े किए गए, लेकिन शव ट्रॉली बैग में समा नहीं पाया। इतना ही नहीं, बैग का कुंडा भी टूट गया, जिसके बाद आरोपियों ने प्लास्टिक के नीले ड्रम में शव रखकर उस पर सीमेंट का घोल भर दिया।
जिला जज अनुपम कुमार के न्यायालय में मुख्य विवेचक की गवाही पर बचाव पक्ष की अधिवक्ता ने लगभग साढ़े तीन घंटे तक जिरह की। इस दौरान पुलिस द्वारा जुटाए गए तमाम भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किए गए। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि विवेचक की जिरह फिलहाल पूरी नहीं हो सकी है, जिसके चलते अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तारीख तय की है।
इस हत्याकांड का ट्रायल जिला जज न्यायालय में चल रहा है, जिसमें अब तक 15 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें मृतक सौरभ राजपूत के भाई बबलू, मां रेणू, दोस्त सौरभ कुमार, हत्या में प्रयुक्त छुरी के विक्रेता, नीला ड्रम बेचने वाले दुकानदार, बिल्डिंग मैटीरियल विक्रेता, दवा लिखने और देने वाले, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, कैब चालक, पंचनामा भरने वाले दरोगा, पहले विवेचक और वर्तमान मुख्य विवेचक शामिल हैं।
सौरभ राजपूत पूर्व में मर्चेंट नेवी में कार्यरत थे और वर्तमान में लंदन के एक मॉल में काम कर रहे थे। वह 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ पहुंचे थे। उन्होंने 25 फरवरी को बेटी पीहू का जन्मदिन और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया था। लेकिन तीन मार्च की रात मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ की सीने में चाकू घोंपकर और गर्दन काटकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव के टुकड़े कर उसे नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से सील कर दिया। इसके बाद पांच मार्च को दोनों हिमाचल प्रदेश के कसोल घूमने चले गए। 17 मार्च को मेरठ लौटने के बाद 18 मार्च को इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ। 19 मार्च को सौरभ के भाई बबलू की तहरीर पर ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था।
Updated on:
19 Dec 2025 10:14 am
Published on:
19 Dec 2025 10:14 am
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