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मोमबत्ती से लगी आग, घर में सो रही मासूम बच्ची जिंदा जली, मां राख लेकर फूट- फूट कर रोई

मेरठ जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। मोमबत्ती से अचानक लगी आग से 22 माह के मासूम की जिंदा जलकर मौत हो गई। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार की करीब एक सप्ताह पहले घर की बिजली काट दी गई थी। जिस वजह से परिवार मोमबत्ती के सहारे जीवन यापन कर रहा था।
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मेरठ

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Mahendra Tiwari

•

Updated: 12 Dec 2025, 7:07 PM IST

मासूम बच्ची की सांकेतिक फोटो जेनरेट AI

मासूम बच्ची की सांकेतिक फोटो जेनरेट AI

मेरठ के एक परिवार में तबाह कर देने वाली आग ने 22 महीने की मासूम की जान ले ली। बिजली कनेक्शन कट जाने के कारण परिवार किसी तरह मोमबत्ती के सहारे जीवन यापन कर रहा था। घर के बगल ही कोई मांगलिक कार्यक्रम था। बच्ची अकेले घर में सो रही थी। मां- बाप समेत परिवार के सभी लोग वहां गए थे। अचानक मोमबत्ती से लगी आग के का कारण मासूम जिंदा जल गई। रोशनदान से धुआं निकलता देख परिवार जब घर पहुंचा। और दरवाजा खोला तो घर के अंदर रखे सामान के साथ मासूम बच्ची भी पूरी तरह जल चुकी थी।

मेरठ के बड़कली गांव में बुधवार की रात एक ऐसी घटना हुई। जिसने पूरे परिवार का जीवन उथल-पुथल कर दिया। मजदूरी करके घर चलाने वाला रजनीश अपनी पत्नी, बच्चों और माता-पिता के साथ पास में ही एक शादी समारोह में गया था। घर पर सिर्फ 22 महीने की नायरा अकेली सो रही थी। बिजली बिल का भारी बकाया होने के कारण घर की बिजली कई दिन पहले ही काट दी गई थी। इसलिए रात में मोमबत्ती का ही सहारा था।

रोशनदान से धुआं उठता देख परिवार पहुंचा तो बच्ची पूरी तरह से जल चुकी थी

परिवार के बाहर रहने के दौरान किसी वजह से मोमबत्ती पलट गई। और पास में रखे कपड़े-सामान में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग नायरा के बिस्तर तक पहुंच गई। बच्ची उस समय गहरी नींद में थी। और लपटों से घिर गई। जब घर के पीछे चल रहे कार्यक्रम में परिवार वालों ने रोशनदान से धुआं उठता देखा तो वे दौड़ते हुए घर पहुंचे। कमरे में पहुंचकर देखा कि बच्ची पूरी तरह जल चुकी थी। और कमरा भी राख में बदल गया था। मां हाथों में रख लेकर फूट फूट कर रोई।

आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार

हादसा इतना दर्दनाक था कि परिवार ने बिना किसी को सूचना दिए अगले दिन सुबह बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया। नायरा की चाची और दादी ने बताया कि घर में बिजली बिल को लेकर महीनों से समस्या चल रही थी। बच्ची की बीमारी में लाखों रुपए खर्च होने से परिवार आर्थिक रूप से टूट गया था। बिल न जमा होने पर बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया था। और रात में मोमबत्ती ही जलानी पड़ती थी। इसी मजबूरी में यह हादसा हुआ।

दादी ने बिजली विभाग पर लगाया आरोप, पुलिस ने कहा मामला संज्ञान में नहीं

दादी ने यह भी आरोप लगाया कि बिल जमा करने के बाद भी रसीद नहीं मिली और अब 50 हजार का बकाया थमा दिया गया है। जिस पर कर्मचारी धमकी दे रहे हैं। उधर पुलिस का कहना है कि मामला अभी उनके पास नहीं पहुंचा है। लेकिन जानकारी मिलते ही जांच की जाएगी। ग्राम प्रधान ने परिवार को मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।

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