
Chaudhary Charan Singh Jail : अपनी कला से जेल की दीवारों में रंग भर रहा आजीवन सजायाफ्ता बंदी
Chaudhary Charan Singh Jail जेल की चारदीवारी के भीतर कैद बंदियों के भीतर भी विचार पनपते हैं उनके मन में भाव पलते रहते हैं। अगर इन बंदियों को थोड़ मदद मिल जाए तो ये जेल के भीतर ही अपना हुनर दिखाकर उसका लोहा मनवा लेते हैं। इन बंदियों की अभिव्यक्तियों की उड़ान पर जब कोई बंदिश नहींं है तो इनके भीतर छुपा हुनर भी बार निकलने को व्याकुल हो उठता है। ऐसे ही आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे बंदी अंकुर की कलाकारी से जेल की ऊंची—दीवारें कोई न कोई संदेश दे रही हैं। जेल की हर दर-ओ-दीवार पर नजर डाले तो किसी न किसी पेंटिग के माध्यम से वो कोई न कोई नया संदेश देती है। जेल की दीवारों पर कहीं खुले आसमान में पक्षियों की स्वच्छंद उड़ान जीने का हौसला सिखाती है तो कही पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती है। जेल प्रशासन ने अंकुर को मदद की तो उसके भीतर का कलाकार दीवारों पर छा गया।
रायबरेली के रहने वाले अंकुर को 11 साल पहले हत्या के मामले में जेल भेज दिया गया। 2019 में तमंचा लहराता उसका फोटो मीडिया पर वायरल हुआ था। जांच में पता चला कि तमंचा मिट्टी का बना था। इसके बाद उसे मेरठ जेल भेजा गया था। कुछ समय बाद अदालत से अंकुर को आजीवन कारावास की सजा हो गई।
अंकुर जेल में बंद था इसी दौरान नगर निगम की टीम मेरठ जिला जेल में पेंटिंग बनाने के लिए आई थी। अंकुर को इस टीम के साथ बतौर सहयोगी लगा दिया गया। उसी दौरान उसने यह पेटिंग का हुनर सीख लिया। जेलर राजेंद्र सिंह के अनुसार, अब तक वह 30 वाल पेटिंग और 50 कैनवास पेंटिंग बना चुका है। हाल में जेल परिसर में हुए क्रिकेट मैच का लोगो भी अंकुर ने बनाया था। वाल पेटिंग बनाने में करीब चार दिन जबकि कैनवस पेंटिग में दो-तीन दिन लगते हैैं। राजेंद्र सिंह ने बताया कि अंकुर किसी की फोटो देखकर भी हूबहू बना देता है। वह दो बंदियों को भी यह कला सिखा रहा है। शासन को भी उसकी प्रतिभा से अवगत कराया जाएगा। हो सकता है इससे उसकी सजा में कुछ छूट हो जाए। अब उसका भाव भी सकारात्मक हो गया है।
Published on:
24 Feb 2022 10:31 am
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