सावधान! कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद भूलकर भी न करें ये गलती, डॉक्टरों ने बताई बड़ी वजह

Highlights:

— वायु प्रदूषण से खुद को बचाना होगा जरूरी

— मास्क और कोविड—19 की गाइडलाइन कर करें पालन

— खून में गाढेपन से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा

By: Rahul Chauhan

Published: 06 Apr 2021, 10:02 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ। कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद भी थोड़ी सावधानी जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि वैक्सीन लगवाने के बाद भी मास्क पहनना नहीं छोड़ना चाहिए। इतना ही नहीं, वायु प्रदूषण से भी खुद का बचाव जरूरी है। चिकित्सों की मानें तो वायु में पीएम-2.5 एवं पीएम-1 की खतरनाक मौजूदगी के कारण खून में गाढ़ापन बढ़ने से हार्ट अटैक एवं स्ट्रोक का खतरा हो सकता है।

यह भी पढ़ें: होटल और मॉल को लेकर नई गाइडलाइन जारी, गाजियाबाद में 13 इलाके रेड जोन घेषित

न्यूरोसर्जन डा. गिरीश त्यागी का कहना है कि कोरोना से संक्रमित मरीजों में खून के थक्के बनने की रिपोर्ट मिली है। हर वायरल संक्रमण रक्त को गाढ़ा करता है। जिससे मरीजों का ब्रेन एवं हार्ट स्ट्रोक भी हुआ। वहीं सांस रोग विशेषज्ञ डा. वीरोत्तम तोमर की मानें तो कोरोना वायरस शरीर में पहुंचकर खून का चिपचिपापन बढ़ाता है। यही कारण है कि कई कोरोना मरीजों की जान थ्रंबोसिस की वजह से बड़ी संख्या में गई।

वायु प्रदूषण से बढ़ता है खून का गाढापन

वायु प्रदूषण से ब्लडप्रेशर एवं खून में गाढ़ापन बढ़ने की प्रबल आशंका होती है। डा. तुंगवीर सिंह आर्य के अनुसार कोरोना वैक्सीन से भी कुछ दिनों तक खून में गाढ़ेपन का खतरा हो सकता है। ऐसे में खून पतला करने की दवाएं साथ रखनी चाहिए। खासकर, उन मरीजों में जिनका हीमोग्लोबिन 15 से ज्यादा है, या जिनके खून में थक्का बनने की प्रवृत्ति है।

यह भी पढ़ें: Corona को लेकर नए आदेश जारी, अब मास्क नहीं लगाने पर इन शहरों में होगी कार्रवाई

हवा में पीएम 1 या 2.5 से रहे सावधान

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक मेरठ मंडल में वायु प्रदूषण लगातार ज्यादा बना हुआ है। इससे न सिर्फ सांस की नलियों में सिकुड़न आती है बल्कि खून गाढ़ा होने एवं हार्ट पर लोड बढ़ने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। पीएम 2.5 एवं पीएम-1 की मात्र हवा में ज्यादा मिलने से रक्त गाढ़ा होने का खतरा बढ़ा। वैक्सीन लेने वालों मास्क लगाकर पार्टीकुलेट मैटर से बचने की सलाह दी जा रही है।

बता दें कि पीएम2.5 मनुष्य के बाल का 30 वां जबकि पीएम-1 बाल का 70 वां हिस्सा बारीक होता है। ये दोनों कण मानक से कई गुना हैं। जो फेफड़ों की मेंब्रेन को पार कर रक्त में गाढ़ापन बढ़ाते हैं। हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बनता है। मास्क से फेफड़ों तक साफ हवा पहुंचेगी। वायरस भी रुकेगा।

Show More
Rahul Chauhan
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned